Rajasthan Borewell Chetna: 44 घंटे से भूखी-प्‍यासी चेतना बोरवेल में अटकी, रेस्‍क्‍यू के ल‍िए देर रात पहुंची पाइलिंग मशीन

Rajasthan Borewell Accident: चेतना के माता-प‍िता ने भी तीन दिन से कुछ नहीं खाया है. वे बार-बार रोते हुए प्रशासन से बच्ची को बचाने की बात कह रहे हैं और बेसुध हो जा रहे हैं.

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चेतना को बोरवेल से निकालने के लिए एक साथ 2 प्लान पर हो रहा काम.
NDTV Rajasthan

Rajasthan Borewell News: राजस्‍थान के कोटपूतली में सोमवार दोपहर 1 बजकर 50 म‍िनट पर बोरवेल में ग‍िरी साढ़े तीन साल की मासूम चेतना को 44 घंटे बाद भी बाहर नहीं न‍िकाला जा सका. वह भूखी-प्‍यासी है. उसे बाहर निकालने का प्रयास जारी है. 700 फीट बोरवेल में ग‍िरी चेतना 150 फीट पर अटकी है. NDRF और SDRF की टीम रेस्‍क्‍यू कर रही है. कल (24 द‍िसंबर) हर‍ियाणा से पाइल‍िंग मशीन देर रात हादसे वाली जगह पहुंची है. जेसीबी से खुदाई जारी है. डॉक्‍टर्स की टीम मौके पर मौजूद है. बच्‍ची को ऑक्‍सीजन दी जा रही है. चेतना के माता-प‍िता का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है. उन्होंने 3 द‍िन से कुछ नहीं खाया है. 

पाइल‍िंंग मशीन से 160 फीट तक करेंगे खुदाई

एनडीआरएफ प्रभारी योगेश मीणा ने बताया क‍ि प्‍लान A और प्‍लान B पर काम हो रहा है. प्‍लान B में पाइल‍िंग मशीन से खुदाई शुरू की जा चुकी है. बोरवेल के पास जेसीबी से 10 फीट का गड्ढा खोद द‍िया गया है. पाइल‍िंग मशीन की क्षमता 150 फीट तक खोदने की है. इस‍ल‍िए 10 फीट तक पहले जेसीबी से खुदाई करेंगे. 160 फीट तक खुदाई करेंगे. बच्‍ची को लॉक कर रखा है. बच्‍ची को ऊपर लाने का प्रयास कर रहे हैं. A प्‍लान में ल‍िफ्टिंग कर रहे हैं.

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23 द‍िसंबर को बोरवेल में ग‍िर गई थी चेतना 

सोमवार (23 दिसंबर) की दोपहर को चेतना अपने घर के परिसर में ही खेलते समय एक बोरवेल में गिर गई थी. दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए. शाम तक जयपुर से राज्य आपदा प्रबंधन बल SDRF और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधक बल NDRF की टीमें कोटपुतली के सरुण्ड थाना क्षेत्र में कीरतपुरा गांव पहुंच गईं और इसके बाद से लगातार बच्ची को बोरवेल से निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं. बोरवेल की चौड़ाई कम है जिससे दिक्कत आ रही है. ठंड के मौसम में नमी की वजह से भी बचाव अभियान बड़ी चुनौती बन गया है.

कैमरों से बच्‍ची पर रखी जा रही नजर 

कैमरों की मदद से बच्ची के मूवमेंट पर नज़र रखी जा रही है. नज़र रखने के लिए एक अन्य कैमरा लगाया गया है. मिट्टी की वजह से काफी मुश्किल आ रही है जो लगातार थोड़ी-थोड़ी कर कैमरे पर गिर रही है जिससे कैमरे की विज़िबिलिटी पर असर पड़ रहा है.

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