Rajasthan News: राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने बुधवार को जोधपुर एयरपोर्ट (Jodhpur Airport) पर मीडिया से बातचीत की. इस दौरान पायलट से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के उस बयान पर सवाल पूछा गया कि 'कांग्रेस को राम से क्या तकलीफ है?' तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, "शायद उन्होंने मेरे भाषण नहीं सुने हैं. मैं तो अपनी बात शुरू करने और खत्म करने के दौरान सबसे ज्यादा 'राम-राम सा' और 'जय राम जी' बोलता हूं."
परिसीमन को बताया 'राजनीतिक तोड़फोड़'
इस मौके पर सचिन पायलट ने बाड़मेर में चल रहे सीमा विवाद पर भी बयान दिया. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, 'जिला और तहसील सीमाओं में बदलाव बिना किसी जनसंवाद या जनप्रतिनिधियों की सलाह के किया जा रहा है. सरकार वैज्ञानिक विश्लेषण के बजाय राजनीतिक फायदे-नुकसान को ध्यान में रखकर सीमाओं में तोड़फोड़ कर रही है, जो पूरी तरह से गलत प्रक्रिया है. मेरा मानना है कि जनता और उनके प्रतिनिधियों से परामर्श के बाद ही कार्रवाई की जानी चाहिए. कांग्रेस नेता हेमराम चौधरी ने भी इस मुद्दे को उठाया था कि चर्चा होनी चाहिए. अगर पूरे राज्य में एक समान मानदंड तय किया जाए और उसी के आधार पर कार्रवाई की जाए, तो कोई आपत्ति नहीं करेगा. अगर बिना चर्चा के सीमाएं बदली जा रही हैं, तो लोगों को संदेह होगा कि क्या यह राजनीतिक कारणों से किया जा रहा है, किसके फायदे या नुकसान के लिए.'
'मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म कर रही मोदी सरकार'
मनरेगा के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए पायलट ने कहा कि जिस कानून को सोनिया गांधी ने गरीबों को अधिकार देने के लिए बनाया था, उसे बीते 11 वर्षों में योजनाबद्ध तरीके से कमजोर किया गया है. उन्होंने कहा, '2014 में पीएम मोदी ने इसे कांग्रेस की भूल बताया था और अब इसका बजट कम करके और फैसले गांवों के बजाय दिल्ली से लेकर इसे खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं.' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों के सहारे छीनकर उद्योगपतियों के लिए निजीकरण को बढ़ावा दे रही है.
'जनता से डरकर टाले जा रहे हैं चुनाव'
पंचायत और नगर निकाय चुनावों में हो रही देरी पर पायलट ने दो टूक कहा कि सरकार जनता के बीच जाने से डर रही है. उन्होंने कहा, 'कभी कोर्ट का सहारा लिया जाता है तो कभी जनगणना का, लेकिन असलियत यह है कि भाजपा को हार का डर सता रहा है.' पायलट ने आगे कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार के दो साल में कोई ठोस काम नहीं हुआ है, कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है और राजस्थान की सरकार स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय दिल्ली के आदेशों का इंतजार करती है.
'11 सालों में ED की 96% कार्रवाई विपक्ष पर'
केंद्रीय एजेंसियों के मुद्दे पर पायलट ने दावा किया कि पिछले 11 वर्षों में ED की 96 प्रतिशत कार्रवाई सिर्फ विपक्षी नेताओं के खिलाफ हुई है. उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव में जनता ने किसी को स्पष्ट बहुमत न देकर यह साफ कर दिया है कि सत्ता और धन का दुरुपयोग अब ज्यादा समय तक सहन नहीं किया जाएगा.
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