जैसलमेर में वायुसेना स्टेशन से राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने 'प्रचंड' हेलीकॉप्टर में उड़ान भरी. वे देश की पहली राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने किसी लड़ाकू हेलीकॉप्टर में को-पायलट के रूप में उड़ान भरी. इस ऐतिहासिक मिशन की कमान पायलट ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ ने संभाली. राष्ट्रपति हवा के रास्ते सीधे पोकरण की ओर निकली, जहां उन्होंने 'वायु शक्ति-2026' के अभ्यास स्थल का हवाई मुआयना किया. यह पहला मौका है, जब देश की सर्वोच्च कमांडर ने सीमा से सटे संवेदनशील क्षेत्र में किसी अटैक हेलीकॉप्टर से उड़ान भरकर सरहद पर तैनात जांबाजों के मनोबल को नई ऊर्जा देंगी.
एयर चीफ मार्शल ने किया स्वागत
उन्होंने 25 मिनट की उड़ान के दौरान पोकरण फील्ड फ़ायरिंग रेंज और पोकरण परमाणु विस्फोट वाली जगह' शक्ति स्थल' का जायजा भी लेंगी. इससे पहले, जब राष्ट्रपति जैसलमेर के वायुसेना स्टेशन पर पहुंचीं तो एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने प्रोटोकॉल के साथ उनका स्वागत किया.
'आत्मनिर्भर भारत' की रक्षा शक्ति का प्रदर्शन
‘प्रचंड' HAL द्वारा विकसित स्वदेशी अटैक हेलीकॉप्टर है, जो 5 हजार मीटर ऊंचाई पर ऑपरेशन में सक्षम है. प्रचंड की यह उड़ान 'आत्मनिर्भर भारत' की रक्षा शक्ति का प्रदर्शन भी है. हेलीकॉप्टर मिसाइल और 20 मिमी गन से लैस है.
करीब 25 मिनट की इस साहसिक उड़ान के बाद 10:35 बजे लैंडिंग होगी, जिसके बाद राष्ट्रपति एयरक्रू और ग्राउंड क्रू के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाएंगी. साथ ही कैप्टन को सम्मानित भी किया जाएगा. राष्ट्रपति विजिटर्स बुक में अपने अनुभव साझा कर 11:15 बजे स्टेट गेस्ट हाउस के लिए प्रस्थान करेंगी.
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