करौली में रात 12 बजे से इंटरनेट बंद, पूरी रात धरने पर बैठे रहे; सोशल मीड‍िया से भड़का तनाव

राजस्‍थान के कृष‍ि मंत्री क‍िरोड़ी लाल मीणा ने शांत‍ि बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा क‍ि वे क‍िसानों के साथ हैं और उनकी समस्‍याओं के समाधान का आश्‍वासन द‍िया. 

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करौली में धरने पर बैठे लोग.
NDTV Reporter

पांचना बांध से जल निकासी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सड़क से सोशल मीडिया तक पहुंच गया है. करौली के गुड़ला गांव में हुई पंचायत में गुर्जर समाज के पंच-पटेलों और नेताओं ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. पंचायत में निर्णय लिया गया कि यदि जिले में लगे जाम नहीं हटाए गए, और सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे राजस्थान में चक्का जाम किया जाएगा. प्रशासन ने करौली में रात 12 बजे से इंटरनेट बंद कर द‍िया. सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वालों के खिलाफ अलग-अलग थानो  में मुकदमा दर्ज हो गया. 

धरने पर बैठे लोगों ने करौली-गंगापुर मार्ग,  करौली-कैलादेवी मार्ग,  करौली-मंडरायल मार्ग और  करौली-धौलपुर मार्ग को खोल द‍िया है. 

पुलिस प्रशासन की निगरानी 

पंचायत में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैसला, गुड़ला पांचना संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धाबाई, हाकिम बैंसला सहित समाज के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे. पंचायत के बाद कहा गया कि गुड़ला से फिलहाल केवल इमरजेंसी सेवाएं ही सुचारू रहेंगी, जबकि शादी-विवाह, रोडवेज बस संचालन, सरकारी और निजी कर्मचारियों की आवाजाही सहित आम यातायात प्रभावित है. जिले के कई प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनी हुई है और पुलिस प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है. 

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कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

6 जुलाई को राजस्थान सरकार के दो मंत्रियों की मौजूदगी में पांचना बांध से 13 गांव कमांड क्षेत्र, 39 गांव गुड़ला क्षेत्र और 360 गांव गंभीर नदी बहाव क्षेत्र के किसानों के लिए पानी छोड़ा गया था. इससे पहले 61 करोड़ रुपये की लागत वाली पीडीएन आधारित नई लिफ्ट परियोजनाओं और गुड़ला लिफ्ट परियोजना की रीमॉडलिंग का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया गया था. 

पहले कुसाय क्षेत्र में लगाया जाम 

हालांकि, तकनीकी खराबी के कारण कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी समय पर नहीं पहुंच पाया. इसके विरोध में सबसे पहले कुसाय क्षेत्र में जाम लगाया गया. बाद में तकनीकी टीम ने नहरों की मरम्मत कर टेस्टिंग के लिए पानी छोड़ा, जो 7 जुलाई को दोपहर तक कुसाय पहुंच गया. टेस्टिंग पूरी होने के बाद पानी बंद कर दिया गया, लेकिन जाम की स्थिति बरकरार रही. 

सोशल मीडिया पर विवाद 

गुड़ला पांचना संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धाबाई ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा और भड़काऊ टिप्पणियां कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया. उन्होंने बिना नाम लिए एक मंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए समाजों को जातीय आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं. 

पंचायत में मांग की गई कि सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए. चेतावनी दी गई कि यदि 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई और जाम नहीं खुले तो पूरे प्रदेश में चक्का जाम किया जाएगा. 

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प्रशासन का बड़ा कदम, इंटरनेट सेवा बंद

स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने करौली जिले में रात करीब 12 बजे से इंटरनेट सेवा बंद कर दी है. पुलिस ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट और टिप्पणियां करने के आरोप में दोनों समुदायों से जुड़े लोगों के खिलाफ अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज किए हैं. संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. 

मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की अपील

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कमांड एरिया के प्रदर्शनकारियों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है.  उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया जाए.  उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि वे किसानों के साथ हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास जारी रहेंगे, लेकिन हिंसा या कानून व्यवस्था बिगाड़ने से सभी को नुकसान होगा. 

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