Jaipur News: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने मंगलवार को अपनी सोशल मीडिया सीरीज इंतजारशास्त्र (Intezaar Shastra) के नौवें अध्याय (Chapter-9) के जरिए राज्य की मौजूदा भाजपा सरकार को घेरे में ले लिया. इस बार निशाने पर जयपुर का प्रतिष्ठित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) रहा. गहलोत ने सवाल उठाया कि जिस केंद्र की भव्यता की प्रशंसा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने की थी, भाजपा सरकार ने उसी के 'गेस्ट हाउस' का काम आखिर क्यों रोक दिया?
बजट पर लगा 'ब्रेक'
अशोक गहलोत ने अपने ट्वीट में याद दिलाया कि RIC में लगातार शानदार अंतरराष्ट्रीय आयोजन हो रहे हैं और बड़े मेहमान आ रहे हैं. लेकिन, परिसर के भीतर ही बन रहे 'गेस्ट हाउस' का काम बीच में ही लटका दिया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री का आरोप है कि गेस्ट हाउस का बजट रोककर सरकार मेहमानों को ठहराने के लिए जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा महंगे होटलों पर लुटा रही है. यह सीधा सवाल है कि जब खुद की व्यवस्था बन सकती है, तो निजी होटलों पर करोड़ों खर्च करना कहां की समझदारी है?
क्या यह 2014 की पुनरावृत्ति है?
अपने हमले को और पैना करते हुए गहलोत ने इसे नकारात्मक राजनीति करार दिया. उन्होंने याद दिलाया कि यह पहली बार नहीं है जब भाजपा ने RIC के काम में रोड़ा अटकाया हो. साल 2014 में भी तत्कालीन भाजपा सरकार ने इसका काम रोक दिया था, जिसे बाद में कांग्रेस सरकार आने पर पूरा किया गया. गहलोत का संकेत साफ है कि भाजपा सरकार विकास के प्रोजेक्ट्स को सिर्फ इसलिए ठंडे बस्ते में डाल रही है क्योंकि उनकी शुरुआत कांग्रेस शासन में हुई थी.
सरकार के जवाब का इंतजार
अशोक गहलोत की यह सीरीज लगातार राजस्थान की सियासी गलियारों में तेजी से ट्रेंड कर रही है और सरकार की 'कार्यप्रणाली' पर सवाल खड़े कर रही है. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भजनलाल सरकार इस अड़चन पर क्या स्पष्टीकरण देती है.
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