शादियों पर दिखेगा युद्ध का असर... होटल-रेस्टोरेंट भी आएंगे जद में, तेल कंपनियों ने कर दिया बड़े रोक का ऐलान

कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर ही नहीं बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं पर बुकिंग को लेकर कई नियमों में बदलाव किया है. पहले उपभोक्ता को दो या तीन दिन में घरेलू गैस की सप्लाई होती थी.

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प्रतीकात्मक फोटो AI

War Impact: इजरायल-ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया पर दिखने वाला है. वहीं भारत पर इसका असर दिखने भी लगा है. युद्ध अब सीधा असर लोगों के व्यवसाय के साथ जब पर भी डालने लगा है. वैश्विक तनाव की वजह से कच्चे तेल की समस्या बढ़ रही है. ऐसे में लोग LPG गैस को स्टॉक कर रहे हैं. कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का लोग स्टॉक कर रह हैं. इस वजह से तेल कंपनियों ने गैस आपूर्ति की सप्लाई को पूरी तरीके से बाधित कर दिया है. तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक लगाने का ऐलान किया है.

कमर्शियल गैस सिलेंडर के आर्डर न लिया जाए

तेल कंपनियों ने देर रात LPG एजेंसियों को साफ तौर पर निर्देश दिया है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर के आर्डर न लिया जाए और पूरा फोकस घरेलू रसोई गैस पर दिया जाए. मैसेज में साफ तौर पर निर्देश दिए हैं की इन आदेशों की  सख्ती से पालन की जाए. हालांकि अभी तक किसी भी कंपनी ने आधिकारिक तौर पर बयान सार्वजनिक नहीं किया है.

शादी से लेकर होटल रेस्टोरेंट कारोबार पर दिखेगा असर

राजस्थान में मार्च और अप्रैल का महीना शादियों चलते होटल और रेस्टोरेंट कारोबारी के लिए काफी व्यस्त रहता है. लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकने से हलवाई और कैटर्स की भी मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है. अगर होटल और रेस्टोरेंट में कमर्शियल गैस सिलेंडर की बिना रुकावट के सप्लाई नहीं होती है तो इसका सीधा-सीधा असर खाने की कीमतों पर भी देखा जा सकता है. वहीं औद्योगिक इकाइयां जैसे कपड़ा कांच जैसे उद्योगों में गैस की खपत ज्यादा होती है उन पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है.

बुकिंग को लेकर कई नियमों में बदलाव

कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर ही नहीं बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं पर बुकिंग को लेकर कई नियमों में बदलाव किया है. पहले उपभोक्ता को दो या तीन दिन में घरेलू गैस की सप्लाई होती थी लेकिन अब यह सप्लाई 7 से 10 दिनों तक की जाएगी यानी कुल मिलाकर घरेलू गैस की किल्लत का असर आम व्यक्ति की रसोई पर भी देखने को मिलेगा.

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गौरतलब है की भारत तकरीबन 80 फ़ीसदी गैस ईरान जैसे देशों से आयात करता है युद्ध के कारण गैस सप्लाई बाधित होने के चलते आने वाले समय में गैस की भारी किल्लत देखने को मिल सकती है.

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