जयपुर में निकली गणगौर माता की ऐतिहासिक सवारी, देखें मनमोहक तस्वीरें

जयपुर में गणगौर माता की शाही सवारी सिटी पैलेस के त्रिपोलिया गेट से शुरू होकर तालकटोरा तक गई. इस पारंपरिक सवारी पर हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा की गई. इसे देखकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं और उत्साह बढ़ाया.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
जयपुर में निकली गणगौर माता की ऐतिहासिक सवारी

राजस्थान में शनिवार को लोकपर्व गणगौर की धूम रही. राजधानी जयपुर में गणगौर माता की ऐतिहासिक शाही सवारी निकली, जिसको देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े. जयपुर में गणगौर माता की शाही सवारी सिटी पैलेस के त्रिपोलिया गेट से शुरू होकर तालकटोरा तक गई. जयपुर में गणगौर की सवारी ऐतिहासिक त्रिपोलिया गेट से शुरू हुई जहां गणगौर माता की मूर्ति की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई.

इस वर्ष आरती पूर्व शाही परिवार से जुड़े पुजारी ने की.इसके अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में पारंपरिक उत्साह के साथ गणगौर माता की सवारी निकाली गई. गणगौर सवारी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आए जिनमें देश-विदेश के पर्यटक भी शामिल थे.

Advertisement

कई विदेशी पर्यटक, जो पहली बार जयपुर आए थे, इस सांस्कृतिक आयोजन को देखकर बेहद रोमाचित नजर आए. पूरे राज्य से लोक कलाकारों ने इसके कार्यक्रमों में भाग लिया और राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए ‘कच्छी घोड़ी', ‘गैर', ‘कालबेलिया', ‘चरी' और ‘घूमर' जैसे पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए. 

इस पारंपरिक सवारी पर हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा की गई. इसे देखकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं और उत्साह बढ़ाया. हालांकि भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस ने शोभायात्रा के दौरान वीडियो बनाने की कोशिश कर रहे कई ‘सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर' को वहां से हटाया. 

अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष गणगौर की सवारी को डिजिटल मंचों के साथ भी जोड़ा गया है. ‘राजस्थान फाउंडेशन' के माध्यम से राजस्थान के प्रवासी लोगों के लिए सवारी की ‘लाइव स्ट्रीमिंग' की व्यवस्था की गई, जबकि राज्य के पर्यटन विभाग ने भी इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण अपने सोशल मीडिया चैनल पर किया.

इसके अलावा डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने अपने एक्स हैंडल पर गणगौर पर्व से जुड़ी तस्वीरे साझा कीं. पर्यटन विभाग के उप निदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, ‘‘गणगौर का यह लोकपर्व केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं है, बल्कि यह राजस्थान की लोक परंपराओं और संस्कृति को बढ़ावा देने का एक माध्यम भी है.'' 

Advertisement

उन्होंने कहा कि यह त्योहार महिलाओं की आस्था, वैवाहिक सुख और भगवान शिव तथा देवी पार्वती के प्रति उनकी भक्ति का प्रतीक है. यह आयोजन दुनिया भर से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है जिससे जयपुर की सांस्कृतिक पहचान भी और मजबूत होती है.

उदयपुर में घंटाघर से गणगौर घाट तक विभिन्न समाज की ओर से गणगौर सवारी निकाली गई. विभिन्न समाज की महिलाओं-पुरूषों ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर गणगौर की सवारी निकाली. इस दौरान ऑल्ड सिटी में भारी संख्या में शहरवासी और पर्यटकों की भीड़ जमा हो गई. महिलाए गणगौर को गणगौर घाट पर लेकर आई और विधि विधान से पूजा की. इसी के साथ परंपरा के अनुसार शाही नाव की सवारी भी निकली जिसमें राजशी ठाठ बाट देखने को मिला. 

Advertisement