Rajasthan News: जयपुर के चांदपोल सर्किल के पास दरगाह की छत बनाने को लेकर रविवार को विवाद हो गया है. दरगाह की छत निर्माण कार्य के दौरान रविवार को हवामहल के विधायक बालमुकुंद आचार्य अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और हंगामा खड़ा कर दिया. उन्होंने दरगाह की छत के निर्माण कार्य को लैंड जिहाद करार देते हुए कहा कि सरकारी सब्जी मंडी में पुराने हरे रंगे 4 बाई 4 के अतिक्रमण को 400 गज करने का प्रयास करना बिल्कुल गलत है. इस पर स्थानीय विधायक अमीन कागजी भी मौके पर पहुंचे और विरोध किया. सूचना पर आए पुलिस के आला अधिकारी ने स्थिति को शांत कराया. वहीं, बाद कांग्रेस विधायक अमीन कागजी मामले की शिकायत को लेकर कमिश्नरेट पहुंचे हैं. उनके साथ आदर्शनगर विधायक रफीक खान भी हैं.
बालमुकुंद आचार्य पर माहौल खराब करने का आरोप
दरगाह के छत के निर्माण कार्य में लगे एक शख्स ने नगर निगम के निर्माण मंजूरी के आदेश की कॉपी दिखाते हुए कहा कि इसके निर्माण की जयपुर नगर निगम से परमिशन है. इसके निर्माण के लिए विधायक अमीन कागजी के द्वारा विधायक निधि से 20 लाख रुपये जारी किया गया था. इसके वर्क ऑर्डर, वित्तीय स्वीकृति के आदेश की कॉपी भी मौजूद है. लेकिन हवा महल के विधायक बालमुकुंद आचार्य जयपुर शहर का माहौल खराब करना चाहते हैं.
लोगों का कहना है कि दरगाह के प्रति उनकी विशेष आस्था है. बारिश के चलते छत से पानी गिरता है, इसलिए छत का निर्माण कार्य चल रहा है. उधर कांग्रेस विधायक अमीन कागजी का कहना है कि परमिशन के साथ निर्माण कार्य हो रहा है. उन्होंने वर्क ऑर्डर की प्रतिलिपि भी दिखाई. नगर निगम से परमिशन के साथ ही निर्माण कार्य हो रहा था. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक माहौल माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. चांदपोल क्षेत्र में गंगा जमनी तहज़ीब है. उन्होंने कहा कि अगर निर्माण कार्य में अड़चन डाला जाएगा तो कोर्ट भी जा सकते हैं और इसका विरोध करेंगे.
बीजेपी विधायक क्या बोले
दरगाह के छत के निर्माण कार्य विरोध करते हुए विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि जिस प्रकार का अनधिकृत तरीके से परकोटे को नुकसान पहुंचाकर चांदपोल सब्जी मंडी के भीतर मकबरा या मस्जिद के भवन को बनाने का प्रयास किया जा रहा है, वह पूरी तरह से गलत है. वहां के जनप्रतिनिधि अमीन कागजी 20 लाख रुपये देकर सरकारी सब्जी मंडी में पुराने हरे रंगे (4×4) के अतिक्रमण को 400 गज करने का प्रयास करना बिल्कुल गलत है. सूचना पर मैं वहां पहुंचकर देखा तो परकोटे की दीवार तोड़कर, उनके बीच से पत्थर निकालकर और परकोटे को नुकसान पहुंचाकर 400 गज में उसमें सरिया घुसाकर छत डालने का कार्य किया जा रहा है. वह पूरी तरह से गलत है. अमीन कागजी ने कोई रजिस्ट्री नहीं करवाई है, जनप्रतिनिधि होने का मतलब यह नहीं है कि वे सरकारी जमीन पर मकबरे बनाने का प्रयास करें.
यह भी पढे़ं-
Rajasthan: 48 घंटे में अनाधिकृत इमारतों का सर्वे, कोटा में बिल्डिंग हादसे के बाद प्रशासन हुआ सख्त
खेजड़ी बचाने के लिए अनशन पर बैठेंगे 5 लाख लोग, आंदोलन संयोजक परसराम विश्नोई का बड़ा बयान