भीषण गर्मी को देखते हुए संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए राजस्थान सरकार अलर्ट मोड पर है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक एक्शन मोड में नजर आए. कलेक्टर ने खुद प्रशासनिक अधिकारियों के साथ फील्ड में जाकर हैंडपंपों की स्थिति का जायजा लिया. जिला कलक्टर ने आमेर तहसील के कुकस और खोरा मीना क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया. इस दौरान ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था की जमीनी हकीकत देखी. उन्होंने साफ निर्देश दिए कि किसी भी हालत में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट नहीं होना चाहिए और जल स्रोतों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए.
खराब हैंडपंप दुरुस्त करने के निर्देश
कलेक्टर ने सभी चिह्नित खराब हैंडपंपों को 48 घंटे के भीतर दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए हैं. जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि तकनीकी खराबी के कारण कोई भी जल स्रोत बंद नहीं रहना चाहिए. उन्होंने पेयजल से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की बात कही.
विशेष टीमों की तैनाती
आमेर उपखंड क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए विशेष तकनीकी टीमों की तैनाती की गई है, जो गांव-गांव जाकर मौके पर ही हैंडपंपों की मरम्मत करेंगी. साथ ही उपखंड अधिकारियों को प्रतिदिन जल आपूर्ति और मरम्मत कार्यों की प्रगति रिपोर्ट कलेक्ट्रेट को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके.
हेल्पलाइन पर दर्ज कर होगी शिकायत
आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल 181 और पीएचईडी हेल्पलाइन 1800-180-6088 पर शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दी गई है. जिला प्रशासन ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि हर घर तक स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम किया जा रहा है.