Rajasthan News: राजधानी जयपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जयपुर में एक ही लोकेशन 4 घंटे के अंदर करीब 250 कैब बुक की गई. हैरान की बात रही है कि कैब बुकिंग के लिए जो लोकेशन डाली गई थी, वह एक खाली फ्लैट की थी. करीब 10 मिनट के अंतराल पर जब एक नई गाड़ी पिकअप लोकेशन पर पहुंचती और ड्राइवर कॉल करता तो कॉल रिसीव नहीं होती. एक के बाद एक लगातार टैक्सियों के आने से वहां तैनात गार्ड भी परेशान हो गया.
3 बजे से 8 बजे तक चला घोस्ट बुकिंग का खेल
दरअसल, ‘घोस्ट बुकिंग' के खेल की घटना वाटिका रोड गुलमोहर गार्डन इलाके का है, जहां पर अलग अलग फ्लैट की लोकेशन को ‘घोस्ट पिकअप पॉइंट' बनाकर लगातार बुकिंग की गई. बताया जा रहा है कि कैब बुकिंग के लिए एक ऐसे फ्लैट की डिटेल दी गई, जो खाली है. जानकारी के अनुसार यह सिलसिला दोपहर करीब साढ़े 3 बजे से रात 8 बजे तक चलता रहा. ड्राइवरों को ऐप पर लगातार इसी लोकेशन से बुकिंग मिलती रही. ड्राइवर मौके पर पहुंचे, लेकिन हर बार वहां कोई सवारी मौजूद नहीं थी. इससे ड्राइवरों का समय और डीजल दोनों बर्बाद हुआ.
गुलमोहर गार्डन के गार्ड्स ने एनडीटीवी को बताया कि एक के बाद एक इतनी कैब आने से उन्हें काफ़ी हैरानी हुई. उन्होंने किसी भी गाड़ी को अंदर नहीं जाने दिया. उनके सामने ड्राइवर्स ने कस्टमर को कॉल भी किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई. ड्राइवरों का कहना था कि लगातार बुकिंग के चलते उन्हें दूसरे असली कस्टमर्स के राइड भी मिस करनी पड़ी जिससे सीधा आर्थिक नुकसान हुआ.
कैब बुकिंग का रहस्य खंगाल रही है पुलिस
इस पूरे घटनाक्रम ने कैब सेवाओं की तकनीकी सुरक्षा और मॉनिटरिंग सिस्टम पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. बिना किसी मजबूत वेरिफिकेशन के इतनी बड़ी संख्या में बुकिंग होना ऐप की सुरक्षा में संभावित खामियों की ओर इशारा करता है. फिलहाल ने इस मामले की शिकायत पुलिस को दी गई है. पुलिस का कहना है कि ओला ऊबर कंपनियों से बात करके पता लगाने की कोशिश कर रही है किस नंबर से बुकिंग की जा रही थी. जल्द ही इस पूरे मामले की जांच होगी और यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह महज शरारत थी या किसी बड़े फ्रॉड का हिस्सा.
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