ईरान में फंसी जयपुर हिना, मां ने कहा- दो दिन से बात नहीं हुई... हमें हमारी बेटी चाहिए

ईरान में फंसे लोगों में छात्र, व्यापारी और नौकरीपेशा शामिल हैं. कई ने सुरक्षित जगहों पर शरण ली है, लेकिन हवाई हमलों का डर और संचार सेवाओं में बाधा से परिवारों का संपर्क टूट रहा है.

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Iran-Israel War: ईरान और इज़राइल के बीच तेज़ हो रहे सैन्य हमलों के बीच प्रदेश के कई लोग ईरान में फंस गए हैं. लगातार हमलों और अस्थिरता से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं. जयपुर के परिजनों ने भारत सरकार और दूतावास से तत्काल सुरक्षित निकासी की मांग की है. ईरान में फंसे लोगों में छात्र, व्यापारी और नौकरीपेशा शामिल हैं. कई ने सुरक्षित जगहों पर शरण ली है, लेकिन हवाई हमलों का डर और संचार सेवाओं में बाधा से परिवारों का संपर्क टूट रहा है. फोन-इंटरनेट बार-बार बंद होने से बातचीत मुश्किल हो गई है.

दो दिन पहले हुई आखिरी बात

सुभाष चौक निवासी रिटायर्ड पासपोर्ट अधिकारी रज़ी हैदर तक़वी और हबीब जहरा ने बताया कि उनकी बेटी हिना तक़वी, दामाद हसन अब्बास और नातिन मरियम ईरान में फंसे हैं. दो दिन पहले आखिरी बार शनिवार को बात हुई थी, उसके बाद कोई संपर्क नहीं. दामाद वर्षों से वहां पढ़ाई कर रहे थे, शादी के बाद बेटी भी चली गई.

उनकी मां हबीब जहरा का रोकर बुरा हाल है. बार बार बेटी को फोन करती है. कोई जवाब नहीं आता. फोन पर ऑडियो सुनाती है. आखिरी बार बेटी ने भाभी की खैरियत पूछी थी. कहा था कि अम्मी आप भाभी की खैरियत बताते रहना क्योंकि मेरा दिल वही पर लगा हुआ है. उसके बाद कोई मैसेज नहीं आया. ना कोई बात हुई.

नातिन ने मैसेज किया था अम्मी बेहोश हो गई

एक दिन पहले ही हिना की तबियत बिगड़ गई थी. 6 साल की नातिन ने ऑडियो मैसेज भेजा था कि नाना, अम्मी बेहोश हो गई है. आप जल्दी आ जाओ. हबीब उनके पास ईरान जाने वाली थी. लेकिन उससे पहले जंग छिड़ गई. और अब कोई रास्ता नहीं. वहीं, रज़ी हैदर  ने बताया कि नातिन का पासपोर्ट एक्सपायर हो चुका है. दूतावास में आवेदन किया है. पासपोर्ट के कारण ही वे समय पर भारत नहीं लौट सके. अब गंभीर हालात में उनकी चिंता बढ़ गई है.

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परिजनों ने मांग की है कि सरकार जल्द हस्तक्षेप करे, फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकाले. उनकी बेटी को जल्द से जल्द भारत लाया जाए.

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