Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के शिप्रापथ थाना इलाके में मंगलवार रात एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने न केवल दो परिवारों को तबाह कर दिया, बल्कि पूरे इलाके को झकझोर दिया. जगन्नाथपुरी सेकंड कॉलोनी में एक निर्माणाधीन मकान की लापरवाही के चलते दो नन्हीं बच्चियां (5 साल की राधिका और 6 साल की गौसिया) पानी से भरे एक गहरे टैंक में डूब गईं.
पानी से गड्ढा भरकर छोड़ गए
कल शाम करीब 7:30 बजे, राधिका और गौसिया अपनी मस्ती में घर के पास खेल रही थीं. पास ही भरतपुर निवासी एक व्यक्ति का मकान बन रहा था, जिसका काम पिछले 10 दिनों से रुका हुआ था. मकान मालिक ने वहां 8 फीट गहरा पानी का हौद बनवाया था, जिसे किसी चीज से ढका नहीं गया था. खेलते-खेलते बच्चियों उस खुले टैंक में जा गिरीं. मौके पर पड़ीं उनकी छोटी-छोटी चप्पलें अब उन मासूमों की आखिरी निशानी मात्र रह गई हैं.
मजदूरी करते हैं माता-पिता
हादसे का शिकार हुई बच्चियों के माता-पिता मूल रूप से यूपी और बिहार के रहने वाले हैं. वे यहां किराए के मकान में रहकर मेहनत-मजदूरी कर अपना पेट पालते हैं. राधिका के पिता दिव्यांग हैं, जो ट्राईसाईकिल पर घूम-घूमकर मोबाइल कवर बेचते हैं. वहीं, गौसिया के पिता पेंटर का काम करते हैं. इन परिवारों के लिए उनकी बेटियां ही उनके जीवन का सबसे बड़ा सहारा थीं. शाम को जब बच्चियां घर नहीं लौटीं, तो परिजनों ने उन्हें आसपास बहुत ढूंढा, लेकिन अंत में उनकी बेजान देह उसी पानी के टैंक में मिली.
ऊपर लेफ्ट साइड कॉर्नर में दोनों बच्चियां टैंक के पास खेलती हुई नजर आ रही हैं.
Photo Credit: NDTV Reporter
CCTV फुटेज में कैद हुए आखिरी लम्हे
इस घटना से कुछ देर पहले के CCTV फुटेज भी सामने आए हैं. फुटेज में दोनों मासूम बच्चियां हौद के आसपास बेफिक्र होकर खेलती नजर आ रही हैं. उन्हें जरा भी अहसास नहीं था कि अगले ही पल उनके साथ क्या होने वाला है. खबर मिलते ही शिप्रापथ पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को निकालकर जयपुरिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया, जहाँ आज उनका पोस्टमार्टम होगा.
पुलिस को लिखित शिकायत का इंतजार
पुलिस के अनुसार, अब तक परिजनों की ओर से कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन पुलिस अपने स्तर पर इस गंभीर लापरवाही की जांच कर रही है.
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