'पिंकसिटी' को चमकाने के लिए ‘सफाई सेवा मैराथन-2026', जयपुर में 9 हजार कर्मचारियों के साथ लॉन्च हुआ अभियान

जयपुर में अब तक का सबसे बड़ा सफाई अभियान ‘सफाई सेवा मैराथन-2026’ शुरू हुआ. कमिश्नर ओम कसेरा ने खुद झाड़ू थामा और शहर में सफाई-व्यवस्था का जायजा लेने उतरे.

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सफाई-व्यवस्था का जायजा लेते निगम कमिश्नर.

गुलाबी शहर को स्वच्छता के शिखर पर पहुंचाने के लिए जयपुर नगर निगम अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. आज (18 अप्रैल) सुबह 7 बजे से शहर में अब तक के सबसे बड़े सफाई अभियान ‘सफाई सेवा मैराथन-2026' का शंखनाद हो चुका है. इस महा-अभियान की कमान खुद नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने संभाली है और 9000 सफाई कर्मचारियों की फौज के साथ सड़कों पर उतर गए हैं.

14 घंटे नॉन स्टॉप अभियान का लक्ष्य

नगर निगम ने इस अभियान के तहत शहर के सभी 13 जोन और 150 वार्डों को कचरा-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. अतिरिक्त डंपर, हुपर और जेसीबी मशीनों की फौज उतार दी गई है. आमतौर पर शहर से रोजाना 2000 से 3000 मीट्रिक टन कचरा डंपिंग यार्ड पहुंचता है, लेकिन आज 14 घंटे के इस नॉन-स्टॉप अभियान में इस आंकड़े को पार करने का लक्ष्य है.

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खुद हाथ में झाड़ू थामकर उतरे कमिश्नर

कमिश्नर ओम कसेरा ने किशनपोल बाजार से अभियान की शुरुआत की और खुद झाड़ू थामकर सफाई में शामिल हुए. अजमेरी गेट और जलेब चौक पहुंचकर उन्होंने वहां पसरी गंदगी देखकर सख्त नाराजगी जाहिर की. कमिश्नर ने साफ कहा कि अब सिर्फ सफाई पर ही नहीं, बल्कि वार्ड स्तर पर अधिकारियों की माइक्रो-मॉनिटरिंग पर भी पूरा जोर दिया जाएगा.

व्यापारियों-जनता को भी संदेश

निगम प्रशासन ने व्यापारियों और आम जनता को स्पष्ट संदेश दिया है कि पहले प्यार से समझाइश दी जाएगी, लेकिन अगर कोई सड़क या सार्वजनिक स्थान पर कचरा फैलाता पाया गया तो भारी चालान काटा जाएगा. कमिश्नर ने कहा कि जयपुर को स्वच्छ बनाने की यह मैराथन सिर्फ प्रशासन की नहीं, बल्कि हर जयपुरवासी की जिम्मेदारी है.

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