बाघिन 'रानी' के शावकों का ये दृश्य टूरिस्ट के लिए यादगार, नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क का वीडियो कर देगा रोमांचित

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघिन 'रानी' के पांचों शावक आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. जो भी पर्यटक यहां आते हैं, उनके लिए ये पल यादगार बन जाता है.

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नाहरगढ़ पार्क के तालाब में उतरकर शावक ठंडक का आनंद लेते हैं.

जयपुर के आमेर स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघिन 'रानी' का कुनबा पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. बाघिन के पांचों शावकों की अठखेलियां पार्क की रौनक बढ़ा रही हैं. ‘हम पांच' के नाम से मशहूर ये नन्हे शावक दिनभर अपनी हरकतों से वन्यजीव प्रेमियों का ध्यान खींच रहे हैं. बाघिन रानी के पांचों शावक विजय, शौर्य, सूर्या, अंबे और वृंदा कभी अपनी मां रानी के साथ एनक्लोजर में आराम फरमाते नजर आते हैं तो कभी उसके साथ घूमते और खेलते हुए दिखाई देते हैं. 

पर्यटकों के लिए यादगार नजारा

भीषण गर्मी के मौसम में शाम ढलते ही शावक तालाब में उतरकर ठंडक का आनंद लेते हैं. पानी में उछल-कूद करते और एक-दूसरे के साथ मस्ती करते शावकों का नजारा पर्यटकों के लिए यादगार बन रहा है. बाघिन रानी और उसके शावकों की गतिविधियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक नाहरगढ़ पहुंच रहे हैं. 

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बाघिन रानी के पांचों शावक विजय, शौर्य, सूर्या, अंबे और वृंदा.

वन विभाग की टीम भी मॉनिटरिंग में जुटी

शावकों का मां के साथ उनका लगाव लोगों को खूब भा रहा है. वहीं, वन विभाग की टीम भी लगातार शावकों की निगरानी और देखभाल में जुटी हुई है. नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघों के संरक्षण की दिशा में यह उपलब्धि वन्यजीव प्रेमियों के लिए खास आकर्षण बनी हुई है.

पहली बार एक साथ जन्मे थे 5 शावक 

इसी साल 28 अप्रैल को बाघिन ‘रानी' के पांचों शावकों का पहला बर्थडे सेलिब्रेशन हुआ. देश में यह पहला मौका था, जब किसी बाघिन ने एक साथ पांच शावकों को जन्म दिया है. सभी शावकों का नियमित टीकाकरण किया गया है और उन्हें प्राकृतिक वातावरण में विकसित करने के लिए रोजाना कुछ समय खुले क्षेत्र में छोड़ा जाता है. इससे उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हो रहा है.

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