रात में स्कूटी पर सवार होकर निकले कलेक्टर और निगम कमिश्नर, 'सूरत मॉडल' पर जयपुर को चमकाने की तैयारी

‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक मेगा सफाई अभियान चलाया गया. कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त खुद स्कूटी पर शहर का जायजा लेते नजर आए.

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सफाई व्यवस्था का जायजा लेते अधिकारी.

गुलाबी नगरी जयपुर में स्वच्छता के मामले में नंबर-1 शहर बनाने का अभियान जोरों पर हैं. शनिवार रात, जब शहर गहरी नींद में था, तब सड़कों पर प्रशासन की सक्रियता की एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली. ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप' के तहत रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक पूरे शहर में व्यापक सफाई अभियान चलाया गया. अभियान की सबसे खास तस्वीर तब सामने आई, जब जिला कलेक्टर संदेश नायक और नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा खुद स्कूटी पर सवार होकर शहर के अलग-अलग इलाकों में निकल गए. आयुक्त कसेरा स्कूटी चला रहे थे, जबकि कलेक्टर नायक पीछे बैठकर सफाई व्यवस्था की बारीकियों का जायजा ले रहे थे. दोनों अधिकारियों ने हेलमेट पहनकर सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों का संदेश भी दिया.

अगले ‘स्वच्छ सर्वेक्षण' में जयपुर की रैंकिंग पर नजर

नगर निगम आयुक्त के अनुसार, दिन के समय बाजारों और परकोटे की गलियों में भारी भीड़ और ट्रैफिक के कारण सफाई कार्य प्रभावी ढंग से नहीं हो पाता. इसी वजह से ‘नाइट स्वीपिंग' का यह मॉडल अपनाया गया, ताकि बिना बाधा के सफाई सुनिश्चित की जा सके. इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य आगामी ‘स्वच्छ सर्वेक्षण' में जयपुर की रैंकिंग को सुधारना है. 

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2500 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी ग्राउंड पर

इस अभियान के लिए 2000 सफाईकर्मियों समेत कुल 2500 से ज्यादा अधिकारियों-कर्मचारियों को तैनात किया गया. पूरे शहर को 36 बीट्स में बांटकर मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई, ताकि कहीं भी लापरवाही न हो. सफाई टीमों को नाइट जैकेट, टॉर्च, गमबूट, डंपर और हूपर जैसे उपकरण भी उपलब्ध कराए गए.

स्वच्छता मिशन में सैकड़ों की तादाद में सफाईकर्मी भी जुटे हुए हैं.

'सूरत मॉडल' पर जयपुर को चमकाने की तैयारी

प्रशासन का अगला बड़ा फोकस लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना है. कचरे का पृथक्करण घर से ही शुरू करने पर जोर दिया गया है. जिला कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि हाल ही में उन्होंने स्वच्छता के लिए अग्रणी शहर सूरत का दौरा कर वहां के कचरा प्रबंधन मॉडल का अध्ययन किया था. अब उसी तर्ज पर जयपुर में ‘नाइट स्वीपिंग' को नियमित प्रक्रिया बनाने की योजना है. 

नियमों का उल्लंघन करने वालो को बख्शा नहीं जाएगा

निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर कचरे के अनुचित निस्तारण जैसी खामियां भी सामने आईं. भविष्य में ट्रांसफर स्टेशनों को पूरी तरह मशीनीकृत करने की योजना बनाई गई. अधिकारियों ने साफ किया कि शुरुआत में लोगों को जागरूक किया जाएगा, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा. 

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