Firoz involved in Jaipur bomb blast conspiracy: जयपुर सीरियल ब्लास्ट की साजिश में शामिल आतंकी फिरोज खान की गिरफ्तारी के बाद अब कई लोग रडार पर हैं. रतलाम में आतंकी की गिरफ्तारी की बाद उसके नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है. एनआईए और एटीएस ने उसकी गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ शुरू कर दी है. साथ ही, उन लोगों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने 3 साल तक उसे पनाह दी थी. पुलिस का कहना है कि फिरोज की मदद करने वालों को भी मामले में आरोपी बनाया जाएगा.
एजेंसी को शक है कि फिरोज गिरफ्तारी से बचने के दौरान किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल के संपर्क में था. साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है क्या रतलाम में रहते हुए उसने कोई नया नेटवर्क तैयार किया था? इसके लिए पिछले कुछ महीनों में उसके मिलने-जुलने वालों और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है.
शरण देने वालों की जांच, कॉल डिटेल खंगाली जा रही
सूत्रों के मुताबिक, फिरोज बीते तीन साल से बांसवाड़ा और आसपास के जिलों में लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था. इस दौरान उसे कुछ लोगों ने छिपने में मदद की. अब एजेंसियां उन नामों की पहचान कर रही हैं, जिन्होंने उसे शरण दी या फिर किसी भी तरह से उसकी फरारी के दौरान सहायता की. पुलिस उसके फोन रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और संपर्क की जांच कर रही है.
क्या चुनाव से पहले किसी हमले की फिराक में था?
फिरोज की गिरफ्तारी से पहले पुलिस को इनपुट मिला था कि वह शहर में कुछ बड़ा करने की योजना बना रहा था. एजेंसियां इस बात की तहकीकात कर रही हैं कि क्या उसका मकसद कोई हमला करना था. इससे पहले भी 2022 में निंबाहेड़ा में पकड़े गए आतंकियों ने खुलासा किया था कि वे जयपुर में सीरियल ब्लास्ट की योजना बना रहे थे और इसका मकसद संगठन ‘सूफा' को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना था.
एनआईए की रडार पर फिरोज के रिश्तेदार भी
फिरोज को रतलाम आनंद कॉलोनी में उसकी बहन के घर से गिरफ्तार किया गया था. अब एनआईए यह भी जांच कर रही है कि क्या उसके परिवार को उसकी मौजूदगी की जानकारी थी और क्या वे उसकी फरारी में शामिल थे? अगर ऐसा पाया गया तो परिवार के सदस्यों पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. एजेंसियां उन सभी लोगों को ट्रैक कर रही हैं, जो बीते 3 साल में उसके संपर्क में आए.
दरअसल, राजस्थान के निंबाहेड़ा में 30 मार्च 2022 को 12 किलो आरडीएक्स के साथ 3 आतंकियों जुबैर मोहम्मद, अल्तमस खान और सरफुद्दीन उर्फ सेफुल्ला को गिरफ्तार किया गया था. ये सभी जयपुर में सीरियल ब्लास्ट की साजिश के तहत कार से आरडीएक्स ले जा रहे थे. पूछताछ में इन्होंने साजिश में शामिल 11 आतंकियों के नाम बताए थे, जिनमें से कई पहले ही पकड़े जा चुके हैं.
फरार फिरोज खान ईद मनाने घर लौटा था
फिरोज खान पिछले काफी लंबे समय से फरार था. उसे पकड़ने के लिए एजेंसी ने कई बार रतलाम में दबिश भी दी, लेकिन वह हर बार बच निकला. 1 अप्रैल की रात रतलाम एसपी अमित कुमार को इनपुट मिला कि फिरोज आनंद कॉलोनी में अपने घर आया है. एएसपी राकेश खाका की टीम ने बुधवार तड़के 4:30 बजे छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया. फिरोज ईद मनाने के लिए अपने घर आया था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया.
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