जयपुर से गुरुवार दोपहर को आई बस की एक फोटो ने पुलिस और परिवहन विभाग में हड़कंप मचा दिया. जोधपुर की ओर आ रही एक बस में इमरजेंसी गेट नहीं होने का ये मैसेज था. दौसा में दो दिन पहले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण बस हादसे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित दौरे को देखते हुए सरकारी विभाग पहले से ही अलर्ट हैं. ऐसे में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के एडिशनल कमिश्नर ओपी बुनकर के मैसेज और फोटो ने पुलिस और परिवहन विभाग की नींद उड़ा दी.
वाट्सअप पर जैसे ही ये फोटो मिली परिवहन टीमें तुरंत हाईवे पर एक्टिव हो गईं. करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बस को भांडू के पास को रोक लिया गया और उसकी जांच की गई. जांच में सामने आया कि जिस बस को स्लीपर बस मानकर इमरजेंसी गेट नहीं होने की आशंका जताई गई थी, वह वास्तव में सिटिंग बस थी. नियमानुसार उसका इमरजेंसी गेट पीछे नहीं, बल्कि साइड में मौजूद मिला. बस के सभी सेफ्टी स्टैंडर्ड और डॉक्यूमेंट सही मिले. इसके बाद बस को आगे रवाना कर दिया गया.
जांच के बाद जयपुर मुख्यालय भेजी रिपोर्ट और फोटो
बस की चेकिंग के बाद जयपुर मुख्यालय तक पूरी रिपोर्ट और फोटो भेजी गई, तब जाकर अधिकारियों ने राहत की सांस ली. एडिशनल कमिश्नर ओपी बुनकर के अनुसार बस की फोटो किसी अधिकारी द्वारा प्रिंसीपल सेक्रेटरी वी श्रीनिवास को भेजी गई थी, जिसके बाद इसे जोधपुर अधिकारियों को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था. मगर जांच में सिटिंग बस निकली.
पीछे इमरजेंसी गेट नहीं दिखने पर मचा हड़कंप
दरअसल, परिवहन विभाग के एडिशनल कमिश्नर ओपी बुनकर ने दोपहर करीब पौने दो बजे प्रादेशिक परिवहन अधिकारी पीआर जाट को व्हाट्सएप पर बस की फोटो और रजिस्ट्रेशन नंबर भेजते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए. बताया गया कि बस बिलाड़ा की ओर से जोधपुर की तरफ आ रही है और उसमें पीछे इमरजेंसी गेट दिखाई नहीं दे रहा.
सीधे हेडक्वार्टर से मिला संदेश
हेडक्वार्टर से संदेश मिलते ही विभाग हरकत में आ गया. बिलाड़ा और जोधपुर की उड़नदस्ता टीमें हाईवे पर रवाना कर दी गईं. उधर, पुलिस कमिश्नर शरत कविराज को भी सूचना मिली, जिन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों को अलर्ट करते हुए आरटीओ से समन्वय किया. बस संचालक को फोन किया और गाड़ी को रुकवाया.
दमन-दीव पंजीयन वाली बस डीडीओ-1ए-9619 के आधार पर बस संचालक से संपर्क किया गया. दोपहर करीब तीन बजे बोरानाडा-भांडू के बीच बस को रोकने के निर्देश दिए. परिवहन विभाग की टीम ने करीब एक घंटे तक बस की तकनीकी और सुरक्षा संबंधी जांच की. जांच में बस सिटिंग श्रेणी की होने, जिसमें इमरजेंसी गेट साइड में होना ही नियमानुसार है. सभी मापदंड सही मिलने पर बस को शाम करीब चार बजे आगे के लिए रवाना कर दिया गया. आरटीओ पीआर जाट ने बताया कि मुख्यालय से मिली सूचना के आधार पर जांच की गई.