जयपुर में स्कूल प्रबंधन की मनमानी, पूरे साल की फीस लेकर जड़ दिया ताला; अभिभावकों ने किया हंगामा

बच्चों के परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने रातों-रात, बिना किसी पूर्व सूचना के स्कूल को बंद कर दिया है. वह भी प्रबंधन ने पूरे साल की फीस वसूलने के बाद यह कदम उठाया है.

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जयपुर में स्कूल प्रबंधन की मनमानी

जयपुर के श्याम नगर में स्कूल प्रबंधन की मनमानी से करीब 200 बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ गया है. ट्री हाउस हाई स्कूल को प्रबंधन ने अचानक बंद करने का फरमान सुना दिया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर संकट के बादल छा गए. अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए पूरे साल की फीस वसूलने के बाद बिना किसी सूचना के स्कूल बंद कर दिया. इस फैसले से 190 बच्चों का शैक्षणिक भविष्य खतरे में पड़ गया है. बुधवार को अभिभावकों का स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भारी गुस्सा देखने को मिला. 

मीटिंग के लिए अभिभावकों को बुलाया

परिजनों ने NDTV से बातचीत के दौरान कहा कि स्कूल ह्वाट्सऐप ग्रुप में स्कूल प्रशासन की ओर से मीटिंग के तौर पर बुलाया गया था. सुबह जब बच्चे और परिजन स्कूल पहुंचे तो स्कूल के गेट पर ताला लटका मिला. यह नजारा देख अभिभावकों ने स्कूल के बाहर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया. अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने उनसे नए सत्र के बीच में ही पूरे साल की फीस ले ली थी.

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अब बिना किसी नोटिस या जानकारी के स्कूल बंद करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. हंगामे की सूचना मिलते ही श्याम नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को शांत कराने की कोशिश की. हालांकि, परिजन स्कूल संचालक से लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं. बवाल के बीच स्कूल की प्रिंसिपल ने सफाई देते हुए कहा है कि वो खुद अभिभावकों के साथ खड़ी हैं. 

स्कूल बिल्डिंग के किराए को लेकर था विवाद

जानकारी के अनुसार, यह स्कूल विनय चौरड़िया की जमीन पर बना है, जिसे राजीव भाटिया नामक व्यक्ति संचालित कर रहा था. पिछले काफी समय से जमीन मालिक और स्कूल संचालक के बीच बिल्डिंग के किराए को लेकर कानूनी लड़ाई चल रही है. किराया विवाद अब अदालत की दहलीज तक पहुंच चुका है. स्कूल संचालक राजीव भाटिया के खिलाफ जमीन से जुड़े कुछ अन्य मुकदमे भी पहले से चल रहे हैं. हाल ही में स्कूल को एक कानूनी नोटिस मिला था, जिसे इस अचानक हुई तालाबंदी की मुख्य वजह माना जा रहा है. इस स्कूल में 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई होती है.

अभी स्कूल में करीब 190 छात्र-छात्राएं का एडमिशन है. सबसे ज्यादा चिंता उन 40 बच्चों के लिए जताई जा रही है, जिनका दाखिला राइट-टू-एजुकेशन RTE पॉलिसी के तहत हुआ है. बीच सत्र में स्कूल बंद होने से इन बच्चों के लिए दूसरे स्कूल में दाखिला लेना लगभग असंभव होगा. मामले की गंभीरता को देखते हुए अब एक बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है. बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए एक विशेष टीम गठित करने का निर्णय लिया गया है.

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