राजस्थान में 'कैरकल' कैट का रेस्क्यू ऑपरेशन, अनोखी छलांग लगाकर हवा में उड़ते पक्षियों का करती है शिकार

Jaisalmer news: वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) की टीम के सदस्य और वन विभाग ने मिलकर अभियान को अंजाम दिया.

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Caracal cat Rescued in Jaisalmer: जैसलमेर के शाहगढ़ ग्राम पंचायत के गांव घोटारू में कैरकल (जंगली बिल्ली) का रेस्क्यू ऑपरेशन सफल रहा. एक नर कैरकल को सुरक्षित रूप से रेडियो कॉलर लगाया गया और सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा गया. यह जंगली बिल्ली दुर्लभ और अत्यंत रहस्यमयी प्रजाति मानी जाती है. इस ऑपरेशन में वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) की टीम शामिल रही. वैज्ञानिकों और वन विभाग ने मिलकर अभियान को अंजाम दिया. जैसलमेर का रेगिस्तानी इलाका कैराकल का अहम प्राकृतिक आवास है. 

वन मंत्री ने दी जानकारी

वन मंत्री संजय शर्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते जानकारी दी. उन्होंने बताया कि डब्ल्यूआईआई की विशेषज्ञ टीम इस महत्वपूर्ण अभ्यास का हिस्सा थी, जिसने इस दुर्लभ प्रजाति की निगरानी और संरक्षण के प्रयासों को मजबूत किया. लंबे समय बाद इस प्रजाति पर फिर से गहन निगरानी शुरू की गई. संरक्षण और सुरक्षा की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है. 

पंजे से करती है जबरदस्त शिकार 

नेशनल ज्योग्राफिक के मुताबिक, "यह बिल्ली दक्षिण एशिया के अलावा मध्य पूर्व और अफ्रीका की पथरीली पहाड़ियों या घास के मैदानों में रहते हैं. यह जानवर छोटी जंगली बिल्लियों की 30 से अधिक प्रजातियों में से एक है. वह 6 फीट ऊंची छलांग लगाकर अपने शिकार या हवा में उड़ते पक्षियों को भी को पंजे से मारती है, जिससे वह जमीन पर गिर जाता है."

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खुर ऐसे कि दौड़ने की आवाज भी नहीं आती 

कैराकल का शरीर छुपकर हमला करने के लिए बना होता है. कैराकल बेहद तेज़ दौड़ते हैं और उनके खुरों पर सख्त फर लगे होने के कारण वे शिकार की ओर दौड़ते समय लगभग कोई आवाज़ नहीं करते.

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