"देश ना तो जादूगर से चलेगा और ना ही जोकर से", बीजेपी विधायक ने किसके लिए कही ये बात?

महंत प्रतापपुरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जहां कमल खिलना असंभव था, वहां संतों के आशीर्वाद से परिणाम बदल गए. यह जादूगरी नहीं, यह मोदीजी की तपस्या है, भारतीय जनता पार्टी की तपस्या है.

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फलसूंड की रात्रि चौपाल के दौरान बीजेपी विधायक मौजूद रहे.

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर 'जादूगर' और 'सर्कस' जैसे शब्दों ने हलचल मचा दी है. जैसलमेर के पोकरण से विधायक महंत प्रतापपुरी ने विपक्ष पर तीखा बोला. फलसूंड की रात्रि चौपाल के दौरान उन्होंने कहा कि देश अब तमाशों से नहीं, बल्कि संतों के आशीर्वाद और राष्ट्रनीति से चलेगा. महंत प्रतापपुरी ने बिना किसी का नाम लिए इशारों ही इशारों में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने राजनीति और आध्यात्म के समन्वय पर जोर देते हुए 'जादू' और 'सर्कस' वाली राजनीति को सिरे से नकार दिया. 

यह मोदीजी-बीजेपी की तपस्या है- बीजेपी विधायक

चौपाल में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए बीजेपी विधायक ने कहा, "जादूगरी से काम नहीं होता है मित्रों, वो हकीकत में करके दिखाना पड़ता है. जादूगरी तो केवल सम्मोहन होता है. थोड़ी देर के लिए लोगों को राजी कर लो. लेकिन यह जादूगरी नहीं, यह मोदीजी की तपस्या है, भारतीय जनता पार्टी की तपस्या है और संतों का आशीर्वाद है. यह देश न जोकरों से चलेगा, न जादूगरों से, यह संतों के आशीर्वाद और राष्ट्रनीति से चलने वाला है."

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प्रतापपुरी बोले- बंगाल में कमल खिलना असंभव था

महंत प्रतापपुरी ने पश्चिम बंगाल के चुनावों का उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि जहां कमल खिलना असंभव था, वहां संतों के आशीर्वाद से परिणाम बदल गए. उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि चाहे विधायक हो, मुख्यमंत्री हो या प्रधानमंत्री, हर किसी को राष्ट्रनीति और निष्ठा के साथ खड़ा होना होगा. स्थानीय विधायक ने कहा कि खोखले वादों और तमाशों का दौर अब खत्म हो चुका है और जनता अब केवल धरातल पर होने वाले कार्यों को देख रही है.

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