SHO के निलंबन के लिए ABVP कार्यकर्ताओं ने 6 दिन तक दिया धरना, करीब 350 किमी दूर हो गया थानाधिकारी का तबादला

जैसलमेर में तिरंगा यात्रा को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिरकार 6 दिन बाद खत्म हुआ. देर रात ट्रांसफर लिस्ट में एसएचओ का नाम सामने आने के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने धरना खत्म किया.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
एसएचओ सुरजाराम के ट्रांसफर के साथ ही एबीवीपी का धरना खत्म.

जैसलमेर में तिरंगा यात्रा की अनुमति को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिरकार 6 दिन बाद थम गया. शहर कोतवाली के बाहर धरने पर बैठे एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार (1 अगस्त) देर रात आंदोलन समाप्त कर दिया. यह फैसला उस समय आया, जब जोधपुर रेंज की ओर से जारी 5 पुलिस निरीक्षकों की तबादला सूची में शहर कोतवाली थानाधिकारी सुरजाराम का जैसलमेर से पाली यानी करीब 350 किसी दूर तबादला कर दिया गया. हालांकि, संगठन की मूल मांग एसएचओ और एक हेड कांस्टेबल के निलंबन की थी, लेकिन तबादले के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया. 

भाजपा नेताओं ने तुड़वाया अनशन

धरना समाप्त होने के बाद भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेताओं को भाजपा नेताओं ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया. मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सवाई सिंह, नगर अध्यक्ष अरुण पुरोहित, महिला नेत्री सुनीता भाटी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे. जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, भाजपा जिलाध्यक्ष दलपत हिंगड़ा और भाजपा प्रदेश मंत्री आईदान सिंह वीडियो कॉल के जरिए जुड़े.

Advertisement

एसएचओ पर लगाया था अभद्र व्यवहार का आरोप 

विवाद की शुरुआत 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर प्रस्तावित तिरंगा यात्रा की अनुमति को लेकर हुई थी. एबीवीपी का आरोप था कि शहर कोतवाली में जब अनुमति लेने पहुंचे तो कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया. इसके विरोध में 27 जुलाई से संगठन ने कोतवाली के बाहर धरना शुरू किया. आंदोलन के दौरान छात्र नेताओं ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी थी.

पुलिस एसपी ने आरोपों को नकारा

दूसरी ओर, पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने आरोपों को सिरे से खारिज किया था. उनका कहना था कि 26 जुलाई को ABVP के कार्यकर्ता करीब 11 मिनट तक कोतवाली में रहे और उसी दिन दोपहर 3:21 बजे नियमानुसार तिरंगा यात्रा की अनुमति जारी कर दी गई थी. अनुमति मिलने के बाद यात्रा शांतिपूर्वक निकाली गई, इसलिए पुलिस पर लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं.

देर रात जारी हुई तबादला सूची

इस पूरे विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी तूल पकड़ा. एनएसयूआई ने पुलिस के समर्थन में बयान जारी किया, जबकि कई स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर एसएचओ सुरजाराम के समर्थन में पोस्ट साझा किए. वहीं, सेवानिवृत्त पुलिस कल्याण संस्थान ने भी मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर SHO के खिलाफ कार्रवाई का विरोध किया और उनके कार्यों की सराहना करते हुए राजनीतिक दबाव में कार्रवाई नहीं करने की मांग की थी. इसी बीच, देर रात जोधपुर रेंज से जारी तबादला सूची में सुरजाराम का पाली तबादला कर दिया गया.  

यह भी पढ़ेंः जैसलमेर में तिरंगा यात्रा पर विवाद, थाने के बाहर ABVP का धरना, पुलिस के समर्थन में सोशल मीडिया पर ट्रेंड

Advertisement