Rajasthan: डॉक्टर बना, घर आया और फांसी लगा ली, इनकम टैक्स अफसर के बेटे ने क्यों दे दी जान? बिलखते रहे मां-बाप

जिस बेटे की कामयाबी का जश्न मना रहा था परिवार, उसकी एक खामोशी ने सबकुछ उजाड़ दिया. पुलिस भी कमरे का वो मंजर देखकर दंग रह गई.

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जालोर: माँ सब्जी लेने बाज़ार गईं और पीछे से नव-निर्वाचित डॉक्टर बेटे ने लगाया फंदा; गेट तोड़कर अंदर पहुंचे पड़ोसी
NDTV Reporter

Jalore Suicide Case: राजस्थान के जालोर से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं. आयकर विभाग (Income Tax) में तैनात एक अधिकारी के इकलौते बेटे, जिसने हाल ही में MBBS की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनने का सपना सच किया था, उसने अपने ही घर में फंदा लगाकर जान दे दी. इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है.

बाजार से सब्जी लेकर लौटी थी मां

यह दर्दनाक घटना जालोर शहर के शिवाजी नगर इलाके की है. मूल रूप से पाली (Pali) के रहने वाले राजेश भाटी इनकम टैक्स विभाग में ऑफिसर हैं और फिलहाल जालोर में पोस्टेड हैं. बुधवार सुबह राजेश रोजाना की तरह अपने दफ्तर गए थे. घर पर उनकी पत्नी और 25 साल का बेटा ऋषभ भाटी थे.

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पड़ोसियों ने मिलकर तोड़ा घर का दरवाजा

दोपहर के वक्त ऋषभ की मां पास के बाजार से सब्जी लेने गई थीं. करीब डेढ़ बजे जब वह घर लौटीं, तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था. उन्होंने कई बार ऋषभ को आवाज लगाई, फोन किया, लेकिन अंदर से कोई हलचल नहीं हुई. अनहोनी के डर से मां ने तुरंत मकान मालिक और पड़ोसियों को इकट्ठा किया. जब सबने मिलकर दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का नजारा देख मां के पैरों तले जमीन खिसक गई.

कमरे में फंदे से लटका था इकलौता बेटा

दरवाजा टूटते ही जब लोग अंदर दाखिल हुए, तो ऋषभ कमरे में फंदे से लटका हुआ था. बेटे को इस हालत में देख मां बदहवास हो गई और चीखने-चिल्लाने लगी. पड़ोसियों ने आनन-फानन में ऋषभ को नीचे उतारा और तुरंत सरकारी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की.

हाल ही में उदयपुर से की थी MBBS की पढ़ाई

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ऋषभ भाटी एक होनहार छात्र था. उसने हाल ही में उदयपुर के एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज से अपनी MBBS की पढ़ाई पूरी की थी और डॉक्टर बना था. इकलौते बेटे के डॉक्टर बनने से परिवार की उम्मीदें आसमान पर थीं. ऋषभ की एक बहन भी है, जो फिलहाल कोटा (Kota) में रहकर पढ़ाई कर रही है.

सुसाइड नोट की तलाश, परिजनों को किसी पर शक नहीं

आखिर डॉक्टर बनते ही ऋषभ ने ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया? इस बात का खुलासा अभी नहीं हो पाया है. पुलिस मौके से सुसाइड नोट की तलाश कर रही है. परिजनों ने भी फिलहाल किसी पर कोई शक नहीं जताया है. पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है.

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अस्पताल के बाहर का दृश्य देख रो पड़ा हर कोई

अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर का मंजर ऐसा था कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. जिस इकलौते बेटे को बुढ़ापे का सहारा बनना था, उसकी लाश देखकर माता-पिता पूरी तरह टूट चुके थे. दोनों एक-दूसरे को पकड़कर रो रहे थे और ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे थे. जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, वह दंग रह गया.

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