जम्मू लैंडस्लाइड हादसा: 'आंखों के सामने तिनके की तरह बह गए दोस्त', चश्मदीद ने NDTV पर सुनाई खौफनाक दास्तां

Vaishno Devi Trip Turns Tragic: जम्मू में हुए दर्दनाक लैंडस्लाइड हादसे में बचे चश्मदीद आदित्य ने NDTV को पूरी कहानी सुनाई है. उन्होंने बताया कि कैसे उनकी आंखों के सामने पानी के सैलाब में तीन दोस्त बह गए और वो कुछ ना कर सके.

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Dholpur News: आंखों के सामने बह गए 3 दोस्त, पढ़ें जम्मू लैंडस्लाइड के चश्मदीद की जुबानी

Rajasthan News: जम्मू-कश्मीर के झज्जर कोटली थाना क्षेत्र में 26 अगस्त को हुए लैंडस्लाइड और अचानक आई बाढ़ में 5 युवक बह गए थे, जिनमें से 2 युवक आदित्य और दीपक सकुशल घर पहुंच गए हैं, जबकि उनके एक साथी शिव का शव घटना से करीब 50 किलोमीटर दूर बरामद कर लिया गया है. वहीं, यश और प्रांशु अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश में SDRF और स्थानीय प्रशासन का सर्च ऑपरेशन जारी है. इस भयानक हादसे में बचे चश्मदीद आदित्य ने NDTV को उस दिल दहला देने वाली घटना की पूरी कहानी बताई है.

वैष्णो देवी से लौटते वक्त हुआ हादसा

आदित्य ने बताया कि वे सभी दोस्त वैष्णो देवी के दर्शन कर वापस लौट रहे थे. किशनपुर डोमेल सड़क मार्ग पर भारी बारिश हो रही थी, जिससे पहाड़ टूटकर सड़क पर गिर रहे थे. रास्ते में ड्राइवर ने गाड़ी रोक दी और सभी को बाहर निकलने के लिए कहा. ड्राइवर सहित सभी 5 युवक जैसे ही गाड़ी से बाहर आए, उसी वक्त एक जोरदार लैंडस्लाइड हुआ और मलबे के साथ पानी का तेज सैलाब आ गया. आदित्य ने बताया, 'वह मंजर इतना खौफनाक था कि मैंने अपनी आंखों से कभी ऐसा नहीं देखा. अचानक आए पानी और मलबे के सैलाब में हम सब बहने लगे.' इसी दौरान आदित्य और दीपक एक पेड़ और चट्टान को पकड़कर बच गए. उनके साथ गाड़ी का ड्राइवर भी बचने में कामयाब रहा.

जम्मू में वैष्णो देवी से लौट रहे 3 युवक लैंडस्लाइड में बहे, चश्मदीद ने NDTV को बताई पूरी घटना.
Photo Credit: NDTV Reporter

सेना ने बचाया, तीन दोस्त बह गए

आदित्य ने बताया कि उसी समय सड़क से गुजर रहे चार फौजी जवानों ने उनकी मदद की. इन जवानों ने आदित्य, दीपक और ड्राइवर को सकुशल रेस्क्यू कर लिया, लेकिन पानी के तेज बहाव में उनके तीन साथी - यश, प्रांशु और शिव - बह गए. आदित्य ने भारी मन से बताया कि उन्होंने अपने दोस्तों को आंखों के सामने तिनके की तरह बहते देखा. उन्होंने कहा, 'करीब 100 मीटर तक वे दिखाई दिए, उसके बाद पानी के सैलाब में समा गए.' यह दर्दनाक मंजर उनकी आंखों से अभी तक निकल नहीं रहा है. हादसे के तीन दिन बाद SDRF को शिव का शव मिला, लेकिन यश और प्रांशु की तलाश अभी भी जारी है.

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