राजस्थान की राजधानी जयपुर में जेडीए के पीले पंजे का खौफ झेल रहे सिरसी रोड के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को शुक्रवार को एक बड़ी कानूनी राहत मिली है. प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से शुरू की गई बुलडोजर कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. शीर्ष अदालत ने मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद जेडीए के ताबड़तोड़ एक्शन पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश उन सैकड़ों परिवारों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है, जिनके घरों और प्रतिष्ठानों पर महज 24 घंटे पहले ही डिमार्केशन के लाल निशान लगाए गए थे.
लाल निशान लगते ही मचा था हड़कंप
यह स्टे ऑर्डर ऐसे वक्त में आया है जब जेडीए अतिक्रमण हटाने की अपनी पूरी तैयारी कर चुका था. गुरुवार को ही जेडीए की आठ टीमों ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर पूरे 4.5 किलोमीटर के क्षेत्र का मापन किया था. सुबह से दोपहर तक चले इस कड़े अभियान के दौरान सड़क के दोनों ओर आ रहे 300 से अधिक मकानों, दुकानों, विवाह स्थलों और पेट्रोल पंप को चिन्हित कर उन पर लाल निशान चस्पा किए गए थे.जेडीए के इस 'फुल एक्शन मोड' को देखकर दहशत में आए कई व्यापारियों ने तो खुद ही अपने निर्माणों को हटाना शुरू कर दिया था.
हाईकोर्ट के आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट की दखल
दरअसल, राजस्थान हाईकोर्ट की डबल बेंच ने इस सड़क को मास्टर प्लान के अनुसार 160 फीट चौड़ा करने और 13 मई तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। वर्तमान में यह सड़क कई जगह महज 60-80 फीट ही है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जेडीए ताबड़तोड़ कार्रवाई की तैयारी में था. स्थानीय निवासियों ने समय और मुआवजे की मांग की थी, लेकिन सुनवाई न होने पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
15 दिन का मांगा था अतिरिक्त समय
कार्रवाई से पहले स्थानीय व्यापारियों ने जेडीए और प्रशासन के सामने 15 दिन का अतिरिक्त समय, उचित मुआवजा और पुनर्वास की मांग रखी थी. हालांकि, प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था.
व्यापारियों ने ली राहत की सांस
अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद व्यापारियों ने राहत की सांस ली है.स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि शाम तक सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर की आधिकारिक कॉपी उन्हें मिल जाएगी, जिसके बाद आगे की कानूनी स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.
2025 में भी किए 200 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त
बता दें कि सिरसी रोड पर जेडीए की कार्रवाई का यह कोई पहला मामला नहीं है. गत वर्ष अप्रैल 2025 भी इसी क्षेत्र में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी.उस वक्त झारखंड मोड़ तिराहे से 200 फीट बाईपास तक 200 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए थे.
यह भी पढ़ें: Rajasthan: कब आएगा मानसून? तिंवरी में 200 साल पुरानी घड़ा गणना की परंपरा से किसानों को मिले ये संकेत