Jhalawar School Collapse: 500-500 के नोटों की गड्डियां लेकर पीपलोदी पहुंचे किरोड़ी लाल मीणा, पीड़ित परिवार से मिलकर किया बड़ा ऐलान

झालावाड़ के पीपलोदी गांव में सरकारी स्कूल की इमारत का हिस्सा गिरने से हुए हादसे में 7 बच्चों की मौत हुई थी, जबकि 28 अन्य बच्चे घायल हो गए थे. यह घटना 25 जुलाई, 2025 को हुई थी.

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झालावाड़ स्कूल हादसा: किरोड़ी लाल मीणा ने पीड़ितों को दी आर्थिक मदद
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान के कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा (Kirodi Lal Meena) ने शनिवार को झालावाड़ के पीपलोदी गांव पहुंचकर सबको चौंका दिया. वे अचानक स्कूल हादसे के पीड़ितों से मिलने पहुंचे, और अपने साथ 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां भी लाए थे. उन्होंने अपनी जेब से ही मृतकों के परिवार को 1-1 लाख रुपये और घायलों को 10-10 हजार रुपये की नकद सहायता दी.

नई इमारत के लिए मिलेंगे 1.5 करोड़

मंत्री का यह दौरा अचानक और बिना किसी पूर्व सूचना के था, जिसके चलते अधिकांश पीड़ित परिवार गांव में मौजूद नहीं थे. इसके बावजूद, मीणा ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को यह जिम्मेदारी सौंपी कि वे यह नगद राशि उन सभी परिवारों तक पहुंचाएं, जो इस दुखद हादसे से प्रभावित हुए हैं.

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सरकार की तरफ से बड़ा ऐलान

पीड़ितों को व्यक्तिगत रूप से आर्थिक मदद देने के बाद, किरोड़ी लाल मीणा ने सरकार की तरफ से भी एक बड़ा ऐलान किया. उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि नई स्कूल की इमारत का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा और इसके लिए राज्य सरकार ने डेढ़ करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है.

स्कूल को प्रमोट करने, घर देने की मांग

मीणा ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं, जिसमें स्कूल को प्रमोट करने और जिनके घर नहीं हैं, उन्हें आवास योजना के तहत घर देने की मांग शामिल थी. उन्होंने आश्वासन दिया कि वे मुख्यमंत्री से मिलकर इन सभी समस्याओं का समाधान करवाएंगे.

कंवर लाल मीणा से भी करेंगे मुलाकात

मीणा ने बताया कि वे इस क्षेत्र से गुजर रहे थे, और चूंकि वे बाढ़ और आपदा राहत मंत्री भी हैं, इसलिए उन्होंने पीड़ितों से मिलना जरूरी समझा. पीपलोदी गांव से निकलने के बाद, वे झालावाड़ की जेल में कंवर लाल मीणा से मुलाकात करने जाएंगे.

स्कूल की छत गिरने से हुई थी 7 बच्चों की मौत

झालावाड़ के पीपलोदी गांव में सरकारी स्कूल की इमारत का हिस्सा गिरने से हुए हादसे में 7 बच्चों की मौत हुई थी, जबकि 28 अन्य बच्चे घायल हो गए थे. यह घटना 25 जुलाई, 2025 को हुई थी. इस हादसे के बाद सरकार ने पूरे राज्य में जर्जर स्कूल भवनों और पुरानी इमारतों का सर्वे कराया था और जरूरत अनुसार उसे बंद करने व रिपेयर कराने का काम किया गया था. हादसे के बाद राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी गांव जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी.

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