Rajasthan: 12वीं की छात्रा से गैंगरेप करने पर 2 लड़कों को 20-20 साल की जेल, 1.16 लाख का जुर्माना भी लगा

आरोपियों ने जिस मोबाइल से पीड़िता छात्रा की अश्लील फोटो खींची थी, उसे भी तोड़ दिया था. पुलिस ने जांच के दौरान टूटा हुआ मोबाइल जब्त किया. सुनवाई के दौरान कोर्ट में कुल 18 गवाहों पेश हुए, जबकि 45 साक्ष्य प्रस्तुत किए.

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12वीं की छात्रा से गैंगरेप करने पर 2 लड़कों को 20-20 साल की जेल

Rajasthan News: राजस्थान के झुंझुनूं में पॉक्सो कोर्ट ने 12वीं की छात्रा के साथ गैंगरेप में मामले में बड़ा फैसला लिया है. छात्रा के साथ गैंगरेप करने वाले 2 आरोपियों को दोषी मानते हुए 20-20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही दोनों पर एक लाख 16 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है. जानकारी के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने छात्रा की अश्लील फोटो के जरिए ब्लैकमेल कर खेत में ले जाकर गैंगरेप किया था. 

किताब लेने के बहाने घर आए दोनों

विशिष्ट लोग अभियोजक सुरेन्द्र सिंह भाम्बू ने बताया कि मार्च 2022 में 15 साल की पीड़िता ने अपने दादा के साथ खेतड़ी नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसके पिता विदेश में रहते थे और वह 12वीं कक्षा की छात्रा थी. 22 सितंबर 2021 को दो छात्र सचिन गुर्जर निवासी मोटू की ढाणी तन रसुलपुर व प्रमोद गुर्जर निवासी बांकोटी किताब मांगने के बहाने घर आए. उसे अकेले देखकर उसके साथ अश्लील फोटो खींची.

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धमकी देकर पीड़िता की मां के गहने लिए

फिर धमकी दी कि यदि उनकी बात नहीं मानी तो फोटो वायरल कर देंगे. साथ ही धमकी देकर पैसे मांगे. पीड़िता ने अपनी मां के गहने चुराकर दोनों आरोपियों को दे दिए. इसके बाद 25 सितंबर 2021 को सचिन ने धमकाकर रात को 11 बजे बुलाया. वहां से प्रमोद व सचिन मोटरसाइकिल से एक खेत में ले गए. वहां पर दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया.

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बाद में नाबालिग लड़की की मां को जब बक्से में जेवरात नहीं मिले तो उसने अपनी अपनी बेटी से पूछा तो उसने अपनी मां को सारी कहानी बताई. इसके बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया.

पुलिस जांच के दौरान आरोपियों ने जिस मोबाइल से पीड़िता की अश्लील फोटो खींची थी, उसे भी तोड़ दिया था. पुलिस ने यह टूटा हुआ मोबाइल जब्त किया. दोनों पक्षों ने अपनी अपनी दलीलें दी, जिसके बाद कोर्ट ने पॉक्सो और आईटी एक्ट की अलग-अलग धाराओं ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए 20-20 साल का कारावास और एक लाख 16 हजार रुपये का  जुर्माना लगाया गया.

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कोर्ट में पेश हुए कुल 18 गवाह

कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान कुल 18 गवाहों पेश हुए, जबकि 45 साक्ष्य प्रस्तुत किए. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशिष्ट न्यायाधीश इसरार खोखर ने अपना फैसला सुनाया. कोर्ट ने आदेश दिया कि अर्थदण्ड की संपूर्ण राशि जमा होने पर पीड़िता को बतौर प्रतिकर अदा की जाए.

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