JJM Scam: किरोड़ी लाल मीणा के निशाने पर गहलोत, कहा- मेरी सुनी नहीं... सत्ता से बाहर हो गए

जल जीवन मिशन घोटाले में IAS सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद किरोड़ी लाल मीणा ने पूर्व की गहलोत की सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया है.

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किरोड़ी लाल मीणा

JJM Scam: जल जीवन मिशन घोटाले मामले में एसीबी ने रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है. एसीबी लंबे समय से उन्हें तलाश कर रही थी, जिसके बाद फरार सुबोध अग्रवाल को गुरुवार (9 अप्रैल)की शाम को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया. जबकि सुबोध अग्रवाल को कोर्ट में पेश किया गया और अब उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया है. सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद अब सियासत भी तेज होते दिख रही है. इस कड़ी में कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने पूर्व के गहलोत सरकार पर निशाना साधा है.

 बता दें, पूर्व की गहलोत सरकार के दौरान JJM घोटाले मामले में किरोड़ी लाल मीणा ने प्रदर्शन कर मोर्चा खोल दिया था. वह इस घोटाले की शिकायत करने थाने पहुंचे थे.

किरोड़ी ने कहा- 900 करोड़ का घोटाला हुआ था 

रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की प्रतिक्रिया आई सामने. उन्होंने कहा कि करीब 900 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ था. फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी दस्तावेज बनाकर काम अपने नाम पर ले लिया था. जब यह मेरी जानकारी में आया तो मैंने उसे वक्त मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी पत्र लिखा था. मीडिया के सामने सारे तथ्य रखे थे. इसी के आधार पर मैं अशोकनगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाने पहुंचा था. 

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उस वक्त उन्होंने मुकदमा दर्ज नहीं किया था. तब मैं 4 दिन तक धरने पर बैठा रहा. अब हमारे राज में मंत्री महेश जोशी भी जेल गए और सुबोध अग्रवाल भी जेल में गए. यानी जो भी कोई दोषी है उसे जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ेगा. 

गहलोत सरकार ने मेरी बात नहीं सुनी

सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि सुबोध अग्रवाल फाइनेंस कमेटी के अध्यक्ष थे. टेक्निकल कमेटी के बाद फाइनेंस कमेटी ही टेंडर क्लियर करती है. इस दृष्टि से वे इस मामले में आरोपी है, दोषी है. उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है. आगे तो अदालत तय करेगी. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मेरी बात को नहीं सुना. वे बेपरवाह हो गए थे. इसी का परिणाम रहा कि सत्ता से बाहर हो गए. हमारा कमिटमेंट था कि हम भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, जो हो रहा है. 

दरअसल पूरा मामला 20 जून 2023 से शुरू हुआ. जब डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने राजधानी जयपुर के अशोक नगर थाने के बाहर इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर दो दिन तक धरना दिया. मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ा. कई अन्य नेता भी अशोक नगर थाने पहुंचे. जमकर राजनीतिक बयानबाजी हुई. 2023 के विधानसभा चुनाव के वक्त भी यह मामला सियासी गलियारों में खूब चर्चा का विषय बना. 

24 अप्रैल 2025 को इसी मामले में ईडी ने पूर्व मंत्री महेश जोशी को करीब 8 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था. सुप्रीम कोर्ट ने 3 दिसम्बर 2025 को पूर्व मंत्री को जमानत दी. अभी वे जमानत पर इस मामले में बाहर है.

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