Rajasthan: जोधपुर में प्रशासन का एक्शन, 11 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध रूप से चल रहे स्कूल और मदरसे को किया सील

Rajasthan News: जोधपुर विकास प्राधिकरण की बेशकीमती जमीन पर लंबे समय से ब्लू हेवन पब्लिक स्कूल, एक मदरसा और छात्रावास का संचालन किया जा रहा था. जिसे लेकर जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की है.

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स्कूल पर कार्रवाई करती हुई JDA और शिक्षा विभाग की टीम
NDTV

Jodhpur News: राजस्थान के जोधपुर में सरकारी जमीन पर कब्जा कर शैक्षणिक संस्थान चलाने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस जाब्ते के साथ11 बीघा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

क्या है पूरा मामला?

जोधपुर विकास प्राधिकरण की बेशकीमती जमीन पर लंबे समय से ब्लू हेवन पब्लिक स्कूल, एक मदरसा और छात्रावास का संचालन किया जा रहा था. जांच में सामने आया कि यह पूरा परिसर कोटा की 'डॉ. अब्दुल वाहिद मेमोरियल दारुल उलूम हदीस संस्था' के जरिए अवैध रूप से कब्जा की गई भूमि पर बनाया गया था. प्रशासन के जरिए जब भूमि स्वामित्व के दस्तावेजों की जांच की गई, तो वे पूरी तरह असंतोषजनक और विवादित पाए गए.

मान्यता पहले ही की जा चुकी थी रद्द

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने पहले ही कड़ा कदम उठाते हुए 'ब्लू हेवन पब्लिक स्कूल' की मान्यता रद्द कर दी थी. राजस्थान गैर-सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम के तहत विभाग ने पूर्व में यह आदेश जारी किया था जिसके तहत किसी भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर चलाए जा रहे संस्थान को शैक्षणिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती.

भारी पुलिस बल तैनात

एसीपी रविंदर बोथरा ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान करीब सवा सौ पुलिसकर्मियों का जाप्ता मौके पर तैनात किया गया था ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे.  कार्रवाई को लेकर जेडीए की उपायुक्त अदिति पुरोहित ने बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट की डबल बेंच ने इस भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के आदेश दिए थे, लेकिन यहां स्कूल संचालित होने के कारण कार्रवाई में बाधा आ रही थी. हाल ही में शिक्षा विभाग के  जरिए स्कूल की मान्यता रद्द किए जाने के बाद जेडीए ने अपनी जमीन पर कब्जा ले लिया.

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स्कूल चलाने वाली संस्था ने कार्रवाई को बताया एकतरफा

वहीं, स्कूल चलाने वाली संस्था के अधिकारियों ने इस कार्रवाई को एकतरफा बताया है. उनका कहना है कि हाई कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था, लेकिन रेवेन्यू बोर्ड की तरफ से भी यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी किए गए थे, जिन्हें नजरअंदाज किया गया.

स्कूल की मान्यता में पाई गईं गंभीर गड़बड़ियां

शिक्षा विभाग के मुताबिक, ब्लू हेवन पब्लिक स्कूल को दी गई मान्यता में गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं. जांच में पता चला कि स्कूल को मान्यता देने के लिए जमा किए गए जमीन के डॉक्यूमेंट असल स्थिति से मेल नहीं खाते थे. जमीन का मालिकाना हक विवादित था और उस पर कब्ज़ा था.  इसके अलावा, मान्यता के नियमों के उलट सब्जेक्ट पढ़ाने और स्टूडेंट अटेंडेंस रजिस्टर में भी गड़बड़ियां पाई गईं.

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स्कूल की मान्यता वापस लेने के जारी किए गए ऑर्डर

इसके अलावा जांच कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक, चोखा गांव के खसरा नंबर 699 की 1.7725 हेक्टेयर जमीन म्युनिसिपल इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (अभी JDA) के नाम पर रजिस्टर्ड है, जिस पर कोटा की डॉ. अब्दुल वाहिद मेमोरियल दारुल उलूम हदीस संस्था स्कूल, मदरसा और हॉस्टल चला रही थी. इन बातों के आधार पर राजस्थान गैर - सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम एक्ट 1989 और रूल्स 1993 (संशोधित2011) के तहत स्कूल की मान्यता वापस लेने के ऑर्डर जारी किए गए.

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