Jodhpur Double Suicide Case: 'मर गई तो कोई धारा नहीं बनती...', गैंगरेप पीड़िता को 'झूठा' बताने वाले थाना अधिकारी का ऑडियो वायरल, मचा हड़कंप

Jodhpur Two Sisters Suicide Case Update: जोधपुर में 4 साल तक ब्लैकमेलिंग और गैंगरेप का शिकार हुईं दो सगी बहनों की खुदकुशी के मामले में नया मोड़ आ गया है. इस प्रकरण में अब एक ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमें कथित तौर पर SHO और पीड़िता की बातचीत हो रही है. इस पर अब ग्रामीण एसपी ने भी अपना पक्ष सामने रखा है. जानिए उन्होंने क्या कहा?

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Jodhpur News: राजस्थान के जोधपुर ग्रामीण में दो सगी बहनों की आत्महत्या के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है. न्याय न मिलने से आहत होकर पानी की टंकी पर जान देने वाली छोटी बहन के मामले में अब पुलिस की संवेदनहीनता का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस ऑडियो ने राजस्थान पुलिस की कार्यप्रणाली को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है.

वायरल ऑडियो में क्या है?

यह कथित ऑडियो 11 अप्रैल का बताया जा रहा है, जिसमें पुलिस और पीड़ित पक्ष के बीच बातचीत हो रही है. आरोप है कि ऑडियो में खेड़ापा थाना अधिकारी पीड़िता को 'झूठा' बता रहे हैं और कह रहे हैं कि वह 'ब्लैकमेल' कर रही है. ऑडियो में कथित तौर पर पुलिस अधिकारी यह कहते भी सुने जा रहे हैं कि अगर वह मर गई तो कोई धारा नहीं बनती. हालांकि, एनडीटीवी इस वायरल ऑडियो की सत्यता और प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है.

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ग्रामीण एसपी ने ऑडियो पर क्या कहा?

वायरल ऑडियो का मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई है. इस संबंध में जोधपुर ग्रामीण एसपी का पक्ष भी सामने आया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई ऑडियो फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं आया है. लेकिन, उन्होंने भरोसा दिलाया है कि अगर ऐसा कोई भी ऑडियो सामने आता है, तो मामले की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच की जाएगी. जांच में जो भी पुलिसकर्मी या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.'

जानिए क्या है यह पूरा मामला

यह दिल दहला देने वाली घटना जोधपुर ग्रामीण के खेड़ापा थाना क्षेत्र की है, जहां पुलिस की कथित लापरवाही के चलते एक ही परिवार की दो बेटियों की जिंदगी हमेशा के लिए तबाह हो गई. पीड़िता ने 11 अप्रैल को ही 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पीड़िता ने लिखित में चेतावनी भी दी थी कि यदि आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपनी जान दे देगी. लेकिन 33 दिनों तक पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही. आखिरकार सिस्टम से हारकर छोटी बहन ने शुक्रवार (15 मई) को पानी की टंकी पर चढ़कर जहरीला पदार्थ खा लिया. इलाज के दौरान अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया.

ई-मित्र संचालक ने बुना था ब्लैकमेलिंग का जाल

इस खौफनाक कहानी की शुरुआत बड़ी बहन से हुई थी. शिकायत के मुताबिक, ई-मित्र संचालक महिपाल ने बड़ी बहन को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उसके कुछ आपत्तिजनक वीडियो बना लिए थे. इसके बाद महिपाल और उसके साथियों (शिवराज, गोपाल, वीजाराम, दिनेश, मनोज और पुखराज) ने करीब 4 साल तक उसे ब्लैकमेल किया, पैसे ऐंठे और शारीरिक शोषण करते रहे. इस घिनौनी प्रताड़ना से टूटकर बड़ी बहन ने 20 मार्च को आत्महत्या कर ली थी. बड़ी बहन की मौत के बाद इन दरिंदों ने छोटी बहन को पकड़ लिया. वीडियो वायरल करने की धमकी देकर आरोपी उसे होटलों और खेतों में ले जाकर गैंगरेप करते रहे. आरोपी खुलेआम घूमकर धमकी देते थे कि पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती.

चौकी प्रभारी लाइन हाजिर

छोटी बहन की मौत के बाद राजपूत समाज सहित सर्व समाज का गुस्सा फूट पड़ा. मारवाड़ राजपूत समाज के अध्यक्ष हनुमान सिंह खांगटा के नेतृत्व में लोगों ने मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल की मोर्चरी के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया. समाज का आरोप था कि पुलिस ने आरोपियों को बचाने की कोशिश की.

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अब तक क्या हुआ एक्शन?

माहौल गरमाता देख प्रशासन बैकफुट पर आया. बीती रविवार देर शाम चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया. वहीं, संबंधित थाना अधिकारी और डीवाईएसपी (DySP) के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी ने बताया कि दो मुख्य आरोपियों को डिटेन कर लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है. वहीं 7 अन्य संदिग्धों से भी सघन पूछताछ की जा रही है. पूरे मामले की कमान अब एडिशनल एसपी रघुनाथ गर्ग संभाल रहे हैं. उन्होंने घटनास्थल का दौरा कर साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया है. मृतका के परिजनों के बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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