हरी मिर्च में ड्रग्स भरकर कर रहे थे तस्करी, नारकोटिक्स के अधिकारी बोले- ऐसा तो पहली बार हुआ

Jodhpur News: जानकारी के मुताबिक, बस के ड्राइवर को जब संदेह हुआ तो उसने पार्सल खोलकर देखा. इसके बाद मामले की जानकारी उसने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को दी.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

Jodhpur drug smuggling: ड्रग तस्करों ने तस्करी के एक नायाब तरीके से पुलिस को भी चौंका दिया. अब तक ट्रक में छिपाकर या उसे मोडिफाइड कर तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं. अब निजी बसों में ड्रग्स लाने के लिए तस्करों ने अनोखी तरकीब लगाई, जिसकी कोई कल्पना आसान नहीं है. निजी बसों के जरिए पार्सल के नाम पर एमडी ड्रग्स और स्मैक की सप्लाई की जा रही थी. चौंकाने वाली बात यह है कि मथानिया और सोयला की मशहूर हरी मिर्च की आड़ में ड्रग्स भेजे जा रहे थे. यहां एक हरी मिर्च की कीमत करीब ₹5000 बताई जा रही है.

मिर्च में चीरा लगा देख चालक को हुआ शक

सूत्रों के अनुसार, यह पार्सल जोधपुर से हैदराबाद भेजा जा रहा था. लेकिन ड्राइवर को संदेह हुआ तो उसने पार्सल खोलकर देखा. पार्सल में ऊपर हरी मिर्च थी, लेकिन नीचे की मिर्च में चीरा लगाकर ड्रग्स भरी हुई थी. ड्रग्स को चमकीले पेपर में लपेटकर मिर्ची में छुपा रखा था. 

ड्राइवर ने बनाया वीडियो

ड्राइवर ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाया. चालक ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को यह अहम सूचना भी दी. इसके आधार पर आने वाले दिनों में इस नए पैटर्न को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी. एनसीबी अब मथानिया और सोयला क्षेत्र से होने वाली पार्सल गतिविधियों पर भी विशेष निगरानी रखेगी.

तस्करों के खिलाफ पुलिस का 'ऑपरेशन त्रिनेत्र'

एनसीबी के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी ने बताया कि निजी बसों के जरिए पार्सल के रूप में ड्रग्स सप्लाई की सूचनाएं पहले भी मिलती रही हैं, लेकिन मिर्च के बहाने ड्रग्स भेजने का यह तरीका पहली बार सामने आया है. इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.

Advertisement

उन्होंने आम लोगों से अपील की है, "नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हेल्पलाइन मानस 1933 पर सूचना देने पर व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाएगा. हम सबको मिलकर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़कर युवाओं को बचाना है."

यह भी पढ़ेंः खेजड़ी के समर्थन में महापड़ाव, आज स्‍कूलों में आधे द‍िन की छुट्टी और बाजारें बंद