Jodhpur News: जोधपुर के लूणी जिले के धवा और मेलबा क्षेत्र के लोग जहरीले पानी के बीच रहने को मजबूर हो रहे हैं. इस बीच उन्होंने कलेक्टर को अपनी आपबीती बताने की कोशिश की. इसके लिए वे गांव से 20 किलोमीटर दूर चल रात्रि चौपाल में पहुंचे. जहां वह इलाके में बह रही जोजरी नदी के जहरीले पानी से पीड़ित अपने दर्द को बयान करने गए थे.जहां उन्होंने डीएम गौरव अग्रवाल को अपनी दयनीय स्थिति से अवगत कराया.
हाथ जोड़कर बोला - अब बर्दाशत नहीं होता
रात्रि चौपाल के दौरान क्षेत्र में रहने वाले तरुण नामक युवक समेत धवा और मेलबा क्षेत्र के कुछ लोग पीले चावल लेकर डीएम के पास पहुंचे. जहां उन्होंने नदी के जहरीले पानी को लेकर अपना दर्द बयां किया.
युवाओं की बात सुनकर कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने उनके गांव आने की बात सुनी और आश्वासन भी दिया कि वे गांव आकर हालात की जानकारी लेंगे. इसके बाद उन्होंने उन्हें पीले चावल देकर आमंत्रित किया.
15 -20 सालों से दूषित हो रहा पानी
दरअसल, पिछले पंद्रह-बीस सालों से जोधपुर की फैक्ट्रियों और सीवरेज से निकलने वाले केमिकल से जोजरी नदी का पानी दूषित हो गया है. जिससे उनके खेत बंजर हो गए हैं. इंसानों और जानवरों के पीने के पानी में जहर घुल रहा है. खेतों में पेड़ जल गए हैं और वन्यजीव भी मर रहे हैं. पिछले कुछ दिनों से बेहद जहरीला पानी आ रहा है, जिसकी दुर्गंध से सांस लेना भी दूभर हो रहा है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों द्वारा यहां से सैंपल लेकर जांच करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है.
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