Rajasthan: 17 साल की बेटी की मौत पर 'दो पिताओं' में छिड़ी जंग, श्मशान में 7 घंटे हुआ ड्रामा, पुलिस ने चिता से उठवाया शव!

श्मशान में चिता सज चुकी थी, अंतिम विदाई की तैयारी थी, तभी पुलिस ने दस्तक दी और अंतिम संस्कार रुकवा दिया. आखिर क्या है 7 घंटे चले इस हंगामे की वजह और क्यों अटकी है एक बेटी की आखिरी विदाई? पढ़ें पूरी खबर

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जोधपुर: युवती की मौत पर परिजनों में विवाद, श्मशान घाट पर 7 घंटे तक अटका रहा अंतिम संस्कार
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान के बोरुंदा कस्बे में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक 17 वर्षीय युवती के अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस ने श्मशान घाट पहुंचकर चिता को अग्नि देने से रुकवा दिया. दो परिवारों के बीच 'असली पिता' और 'संदिग्ध मौत' को लेकर उपजे विवाद के कारण करीब 7 घंटे तक श्मशान में हंगामा चलता रहा. आखिरकार पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है.

श्मशान में पुलिस की एंट्री और अंतिम संस्कार पर 'ब्रेक'

मामला बोरुंदा निवासी प्रियंका (17) पुत्री अशोक कुमार लखारा की मौत से जुड़ा है. प्रियंका की मौत के बाद उसका ननिहाल पक्ष अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था. श्मशान घाट पर माता बसंती देवी, दादा चंपालाल और चाचा नरपत सहित करीब 200 लोग मौजूद थे. तभी बालोतरा पुलिस के जरिए बोरुंदा पुलिस को सूचना मिली कि युवती की मौत संदिग्ध है और परिजनों का एक पक्ष इस अंतिम संस्कार का विरोध कर रहा है.

आमने-सामने आए दो 'पिता' और दो परिवार

चिता सजाई जा चुकी थी, लेकिन तभी बाड़मेर से मुकेश लखारा, मीरा देवी और अशोक लखारा (जिन्हें युवती का पहला पिता बताया जा रहा है) वहां पहुंचे. उन्होंने पुलिस के सामने आरोप लगाया कि प्रियंका की मौत सामान्य नहीं है. इस दौरान श्मशान घाट पर 'वर्तमान पिता' प्रवीण लखारा और 'पहले पिता' अशोक लखारा के समर्थकों के बीच तीखी बहस हुई. विवाद को बढ़ता देख थानाधिकारी सुजाना राम विश्नोई ने समझाइश की और अंतिम संस्कार रुकवाकर शव को बोरुंदा राजकीय अस्पताल की मोर्चरी भिजवा दिया.

अस्पताल में मौत, पर वजह पर 'संदेह'

बोरुंदा पक्ष का दावा है कि प्रियंका पिछले कुछ समय से बीमार थी और उसका इलाज जोधपुर के मथुरादास माथुर (MDM) अस्पताल में चल रहा था. 2 फरवरी की रात करीब 8:30 बजे अस्पताल में उसकी मौत हो गई. परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने किडनी फेल होना मौत का कारण बताया था. हालांकि, दूसरे पक्ष ने इस थ्योरी को मानने से इनकार कर दिया और निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़ गए.

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मेडिकल बोर्ड करेगा पोस्टमार्टम, खुलेगा मौत का राज

विवाद की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने मेडिकल बोर्ड का गठन किया है. मंगलवार को समय कम होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका. अब बुधवार को मेडिकल बोर्ड की देखरेख में प्रियंका का पोस्टमार्टम किया जाएगा. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और दोनों पक्षों की सहमति के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

पुलिस की कार्रवाई और मर्ग दर्ज

थानाधिकारी ने बताया कि मृतका के पिता अशोक कुमार की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज कर लिया गया है. पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि युवती की मौत वाकई बीमारी से हुई या इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है. पूरे कस्बे में इस घटना को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है.

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