Jodhpur News: हमारे समाज में सास-बहू के रिश्ते को अक्सर तकरार, औपचारिकता या सिर्फ कर्तव्यों के चश्मे से देखा जाता है. लेकिन राजस्थान के जोधपुर से इस रिश्ते की एक ऐसी मर्मस्पर्शी तस्वीर सामने आई है, जिसने रूढ़िवादी सोच को बदलकर रख दिया है. जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के जरिए आयोजित एक विशेष शिविर में एक सास ने अपनी बहू को बहू नहीं बल्कि अपनी बेटी का दर्जा देते हुए अपना पूरा मकान उसके नाम ट्रांसफर कर दिया. इस भावुक पल को देखकर वहां मौजूद अधिकारी और आम लोग भी दंग रह गए.
बेटियां भाग्य से मिलती हैं, बहू भी बेटी ही है
यह दिल को छू देने वाली घटना जोधपुर विकास प्राधिकरण के नाम हस्तांतरण शिविर का है. जहां घुडक़ी देवी नाम की एक महिला अपनी बहू संतोष चौधरी के साथ पहुंची थी. शिविर में प्रक्रिया पूरी करने के बाद सास घुड़की देवी ने अपना मकान अपनी बहू संतोष के नाम हस्तांतरित कर दिया.
जोधपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से नामांतरण आदेश प्राप्त करते समय घुड़की देवी बेहद भावुक हो गई. उन्होंने बेनम आंखों से कहा कि बेटियां भाग्य से मिलती हैं. बहू भी बेटी ही होती है. वह जिस घर में जाती है, वहां खुशहाली लेकर आती है. इसलिए मैंने अपना घर बेटी समान बहू को उपहार स्वरूप दिया है.
भाइयों ने पूरी की मां की अंतिम इच्छा
रिश्तों में अपनत्व और त्याग की बयार इसी शिविर में एक बार फिर देखने को मिली . जब यहां पहुंचे दो भाई मधुसूदन भाटी और उनके भाई ने अपनी दिवंगत मां की अंतिम इच्छा को पूरा किया तो हर किसी ने जोरदार तालियों से उनके इस कदम का स्वागत किया. तो वही बहन ने भाइयों को गले लगा लिया. दरअसल , दोनों भाईयों ने अपनी मां की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए अपनी पैतृक संपत्ति अपनी बहन के नाम करने का फैसला कर किया.
JDA शिविर में 122 प्रकरणों का हुआ त्वरित निस्तारण
जोधपुर विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य आम जनता के अटके हुए संपत्ति संबंधी मामलों का मौके पर ही निपटारा करना था. शिविर के दौरान विभिन्न नागरिक सेवाओं से जुड़े कुल 122 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश का ऑन-द-स्पॉट निस्तारण किया गया.
इस दौरान कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत योजनाओं और प्राधिकरण की खुद की विभिन्न योजनाओं के तहत 44 पट्टे जारी किए गए. इसके अतिरिक्त, नाम हस्तांतरण के 28 मामलों, उपविभाजन एवं पुनर्गठन के 04 मामलों और लीज राशि जमा करने के 29 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निपटारा कर आमजन को राहत पहुंचाई गई.
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