Karauli News: करौली जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया है. कैला देवी थाना क्षेत्र के धौरेरा गांव के हार इलाके में सरसों की फसल के बीच छिपाकर उगाई जा रही अफीम की खेती पकड़ी गई. पुलिस ने मौके से करीब 6067 किलोग्राम हरे अफीम के पौधे जब्त किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है. कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल की मॉनिटरिंग में चल रहे अभियान के दौरान कैला देवी थानाधिकारी रामअवतार मीना को मुखबिर से सूचना मिली कि धौरेरा गांव के घनश्याम उर्फ घासू मीना और चौरसिंह अपने सामलाती खेतों में अवैध अफीम की खेती कर रहे हैं. सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और खेतों की जांच शुरू की.
सरसों की फसल में छिपाई गई थी ‘नशे की खेती'
पुलिस टीम को दो अलग-अलग खेतों में सरसों की फसल के बीच बड़ी मात्रा में अफीम के हरे पौधे मिले, जिन्हें बेहद गोपनीय तरीके से छिपाया गया था ताकि किसी को शक न हो. मौके पर खेत में काम कर रहे चौरसिंह पुत्र हरदी मीना और मनकेश उर्फ पिंटू मीना पुत्र घनश्याम मीना को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने खेत की नाप-जोख कर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और साक्ष्य जुटाने के लिए फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी भी कराई.
एनडीपीएस एक्ट के तहत केस, सप्लाई नेटवर्क की जांच
पुलिस उपाधीक्षक मीना मीणा के अनुसार कुल 6067 किलोग्राम हरे अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं. आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि अवैध खेती कब से की जा रही थी और तैयार माल किसे तथा कहां सप्लाई किया जाना था. अधिकारियों ने संगठित गिरोह की संलिप्तता से इनकार नहीं किया है.
भरतपुर रेंज की सबसे बड़ी कार्रवाई, सख्त संदेश
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ यह भरतपुर रेंज में करौली पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है. जिले में पिछले 15 वर्षों में इस तरह के कुल 12 मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें बड़ी मात्रा में अफीम और गांजे की फसल जब्त की गई है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा और आगे भी अभियान लगातार जारी रहेगा.