Heart Attack BSF Jawan: खाटूश्यामजी सदर थाना इलाके के सांवलपुरा गांव निवासी BSF जवान सुल्तान सिंह नटवाड़िया (33) का हार्ट अटैक से निधन हो गया था। गुरुवार को पैतृक गांव में उनके खेत में ही सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. जवान सुल्तान सिंह को छोटे भाई महेश नटवाड़िया ने मुखाग्नि दी.
5 किलोमीटर निकाली लंबी तिरंगा यात्रा
इससे पहले, खाटूश्यामजी सदर थाना से सांवलपुरा गांव तक 5 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई.जब पार्थिव देह घर पहुंची तो उनकी मां मनकोरी देवी हाथ जोड़कर रोते हुए बोलीं, 'हे मेरे बेटे सुल्तान, अरे मेरे सुल्तान, क्या करूंगी मैं.
बेटे के शव के सामने हाथ जोड़े खड़ी मां
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मेरे खेत में हो अंतिम संस्कार
मां ने लोगों से कहा कि मेरे बेटे का अंतिम संस्कार खुले मैदान में नहीं, मेरे खेत में होना चाहिए. वहीं सुल्तान की पार्थिव देह को देखकर उनकी पत्नी रेशमा देवी बेसुध हो गईं. वहां मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला और अंतिम संस्कार से पहले के सबी रीति रिवाज पूरे करवाए.
पिता की पार्थिव देह देख बेटियों की आंखें हुई नम
दोनों बेटियों गुंजन (10) और मीनाक्षी (7) को भी पिता की पार्थिव देह दिखाई गई. दोनों इस बात से बेखबर थीं कि पिता के साथ क्या हुआ है. हालांकि उनकी आंखें भी नम थीं. वहीं 3 महीने का बेटा देवांश परिजन की गोद में सोता रहा.
करीब 8 साल पहले बीएसएफ में भर्ती हुए थे
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कमरे से बाहर आए और बैठे ही रह गए
छोटे भाई महेश नटवाड़िया ने बताया कि सुल्तान सिंह करीब 8 साल पहले बीएसएफ में भर्ती हुए थे.वर्तमान में वे गुजरात के गांधीधाम में BSF की 90वीं बटालियन में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर पोस्टेड थे.
रात को सोते समय आया हार्ट अटैक
गांधीधाम में सोमवार रात को सोते समय उन्हें सीने में दर्द उठा और पसीना आने के बाद वे अपने कमरे के बाहर आकर बैठ गए. मंगलवार सुबह जब उनके साथी उठे तो उन्होंने देखा कि वे बैठे हुए हैं. उन्होंने सुल्तान सिंह को आवाज लगाई तो वे कोई मूवमेंट नहीं कर रहे थे. जैसे ही वह उनके पास गए वे धम्म से गिर गए. ऐसे में वह तुरंत उन्हें आर्मी हॉस्पिटल लेकर गए, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद परिजनों को उनके निधन की सूचना दी गई.
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