Rajasthan News: राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूधाम (Khatushyamji) में हर दिन उमड़ने वाला आस्था का सैलाब अपने पीछे एक बड़ी चुनौती छोड़ जाता है—कचरा. आंकड़ों की मानें तो बाबा श्याम की नगरी में हर दिन 50 क्विंटल (5000 किलो) कचरा जमा हो रहा है. लेकिन अब घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि श्री श्याम मंदिर कमेटी (Shri Shyam Mandir Committee) ने इस समस्या के जड़ से खात्मे के लिए ऐसा मास्टरप्लान तैयार किया है, जो खाटू की तस्वीर को पूरी तरह बदल कर रख देगा. इसके लिए NOC भी मिल गई है.
बताया गया कि प्लांट का सम्पूर्ण खर्च श्री श्याम मंदिर कमेटी उठाएगी जिसका पत्र मंगलवार (13 जनवरी) को नगर पालिका के अधिकारियों को दिया गया.
50 क्विंटल कचरा... अब नो टेंशन!
खाटूश्यामजी में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के कारण गंदगी और गंदे पानी की समस्या विकराल रूप ले रही थी. स्थानीय निवासी और बाहर से आने वाले भक्त लंबे समय से इससे राहत की उम्मीद कर रहे थे. मंगलवार को श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने घोषणा की कि मंदिर कमेटी अपने स्वयं के खर्च पर कस्बे में एक अत्याधुनिक कचरा निस्तारण और ट्रीटमेंट प्लांट लगाएगी. इस प्रोजेक्ट पर करीब ₹10 करोड़ खर्च होने का अनुमान है, जिसका पूरा भार मंदिर कमेटी उठाएगी.
क्या बदलेगा इस ₹10 करोड़ के प्लांट से?
यह प्लांट केवल एक मशीन नहीं, बल्कि खाटू की तस्वीर बदलने वाला प्रोजेक्ट है. 50 क्विंटल कचरे को अब डंपिंग यार्ड में फेंकने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जाएगा. इससे कस्बे में जलभराव और गंदे पानी की निकासी की समस्या खत्म होगी. मंदिर के आसपास और कस्बे की गलियों में भक्तों को अब गंदगी नहीं, बल्कि स्वच्छता नजर आएगी. प्रदूषण कम होने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा.
सिर्फ सफाई ही नहीं, सेवा का दायरा भी बढ़ा
मंदिर कमेटी ने केवल स्वच्छता पर ही नहीं, बल्कि शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में भी करोड़ों के बजट का ऐलान किया है. राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खाटूश्यामजी के भव्य भवन निर्माण के लिए ₹6 करोड़ दिए गए हैं. साथ ही कड़ाके की सर्दी में रैन बसेरों के इंतजाम के लिए नगर पालिका को ₹36.75 लाख की राशि सौंपी गई है.
भक्तों के लिए क्या बदलेगा?
अब जब आप बाबा श्याम के दर्शन के लिए खाटू की गलियों में कदम रखेंगे, तो आपको जलभराव या गंदगी की दुर्गंध नहीं, बल्कि एक स्वच्छ और सुंदर नगरी का अहसास होगा. मंदिर कमेटी का यह फैसला श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सम्मान, दोनों की रक्षा करेगा. मानवेंद्र सिंह चौहान ने कहा, 'हमारा लक्ष्य बाबा श्याम की नगरी को न केवल आध्यात्मिक रूप से, बल्कि बुनियादी सुविधाओं में भी नंबर-1 बनाना है.'
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