Kota Medical College News: राजस्थान के कोटा स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है. अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में महिलाओं की तबीयत बिगड़ने और मौत होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. यहां भर्ती एक और गंभीर महिला मरीज ने दम तोड़ दिया है. 6 मई को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तबियत बिगड़ने के बाद निजी अस्पताल ले गए थे. जिसके बाद इस पूरे घटनाक्रम में जान गंवाने वाली महिलाओं की कुल संख्या बढ़कर 5 हो गई है.
माइनर ऑपरेशन करने के बाद बिडगड़ी थी शिरीन की तबियत
कोटा के शिवपुरा की रहने वाली शिरीन की आज ( शनिवार) मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतका के परिवार वालों ने पोस्टमार्टम नहीं करवाया और बॉडी को हॉस्पिटल से घर ले गए. साथ ही अस्पलात पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है. 6 मई को जांच परिजन 5 महीने की गर्भवती शिरीन को नियमित जांच के लिए कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे थे.
वहां मौजूद डॉक्टरों ने शिरीन की बच्चेदानी का एक छोटा (माइनर) ऑपरेशन करने की सलाह दी. परिजनों की सहमति मिलने के बाद डॉक्टरों ने यह ऑपरेशन कर दिया. ऑपरेशन के ठीक बाद शिरीन की तबीयत अचानक खराब होने लगी. स्थिति बिगड़ती देख परिजन उसे तुरंत एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन वहां भी उसके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ. हालत और ज़्यादा गंभीर होने पर कल शिरीन को दोबारा कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां आज इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.
परिजनों ने अस्पताल लगाया घोर लापरवाही का आरोप
मृत्तका के चाचा ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि 6 मई , अस्पताल में एक छोटे (माइनर) ऑपरेशन के बाद अचानक उसका ब्लड प्रेशर (बीपी) तेजी से गिर गया. जिससे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी.
देखते ही देखते जब युवती की हालत बेहद गंभीर हो गई, तो अस्पताल प्रशासन ने परिजनों पर उसे किसी निजी अस्पताल में ले जाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया. निजी अस्पताल में इलाज और महंगी दवाइयों का भारी-भरकम खर्च उठाने में परिवार असमर्थ था, जिसके कारण वे उसे दोबारा मेडिकल कॉलेज वापस ले आए. लेकिन यहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.
बिना पोस्टमार्टम करवाए ले गए परिजन शव
मृतका शिरीन की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद अस्पताल में परिजन फूट-फूट कर रोने लगे. सूचना मिलते ही महावीर नगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची. परिजनों के जरिए पोस्टमार्टम करवाने से इनकार किए जाने के बाद अस्पताल प्रशासन ने परिजनों से पोस्टमार्टम नहीं करवाने की लिखित सहमति ली और शव सौंप दिया.
6 मई को ऑपरेशन के बाद बिगड़ी थी तबीयत
मिली जानकारी के अनुसार, मृत्तिका शिरीन 5 माह की गर्भवती थी. 6 मई को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद उसकी तबियत बिगड़ी थी, जिसके बाद परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए थे. लेकिन कल यानी शनिवार को वापस गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शिफ्ट किया गया था. फिलहाल कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जेके लोन में प्रसुताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में अब तक 5 महिलाओं की मौत हो चुकी है जबकि 5 का इलाज जारी है. वही इस पूरे घटनाक्रम में 2 महिलाओं की इलाज के बाद तबीयत ठीक होने पर उनको अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.
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