Rajasthan News: राजस्थान की कोटा पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने तीन ऐसे शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो लोगों के बैंक खातों को म्यूल अकाउंट बनाकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे. पुलिस की पूछताछ में पता चला कि गिरोही हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ में करोंड़ों रुपये की ठगी में शामिल रहा है. ठगी का मुख्य आरोपी एमए और एमबीए किया हुआ.
लोन दिलाने के नाम पर ली बैंक डिटेल
दरअसल 6 दिसंबर को कमलेश कश्यप ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया कि कुछ लोगों ने लोन दिलाने के नाम पर उसकी बैंक डिटेल ली थी. फिर उसका गलत इस्तेमाल किया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपी सौरभ चांदमल पाटीदार, अजयकुमार कश्यप और मुकेश कुमार को गिरफ्तार किया तो खुलासा हुआ कि ये टेलीग्राम समूहों और विदेशी एप के जरिए गरीब, मजदूर, बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों से संपर्क करते थे.
एक खाते पर 2-3 हजार रुपये
इसके बाद उनको लालच देते कि एक खाते पर 2 से 3 हजार रुपए रोज देंगे और फ्रॉड का पैसा इन खाते में डलवाते और फिर दूसरी जगह ट्रांसफर कर लेते थे. सौरभ चांदमल विदेश में बैठे मुख्य हैंडलर के संपर्क में था. बाकी लोग अपने मिलने वालों के खाते ले रहे थे. सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, लोन उपलब्ध कराने या आसान कमाई का लालच देने के नाम पर लोगों के बैंकिंग किट ,एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, सिम कार्ड, केवाईसी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लेते थे.
इन खातों को बाद में म्यूल अकाउंट बना दिया जाता था. पुलिस ने इनसे 3 मोबाइल फोन, टेलीग्राम बेस्ड खातों की डिटेल और कई म्यूल अकाउंट से जुड़े दस्तावेज बरामद किये हैं. पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ में करोड़ों की ठगी में शामिल है. मुख्य आरोपी सौरभ ने एमए और एमबीए किया हुआ है बाकी दोनों आरोपी भी ग्रेजुएट हैं, इन्हें अच्छा तकनीकी ज्ञान भी है.
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