कोटा में छात्राओं की सुरक्षा होगी मजबूत, एक बटन दबाते ही पास पहुंच जाएगी पुलिस

Rajasthan: कोटा में पढ़ाई के लिए आने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन काफी चिंतित है. हाल के दिनों में आत्महत्या के बढ़ते मामलों को देखते हुए एसपी अमृता दुहन ने के-एसओएस ऐप के बारे में जानकारी दी है.

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K-SOS ऐप यूज करती छात्राएं
NDTV

Kota News: कोटा में पढ़ाई के लिए आने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन काफी सतर्क नजर आ रहा है. इस संबंध में वे लगातार नए-नए प्रयोग कर रहे हैं, ताकि देश के विभिन्न राज्यों से कोटा में रह रहे छात्रों को तत्काल सुरक्षा सहायता मिल सके.

कोटा सेफ्टी ऑफ स्टूडेंट्स किया लॉन्च

छात्रों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने कुछ महीने पहले मोबाइल ऐप लॉन्च करने की घोषणा की थी. इसके बाद करीब चार महीने की मेहनत के बाद कोटा सेफ्टी ऑफ स्टूडेंट्स (K-SOS) ऐप लॉन्च किया गया है. कोटा सिटी एसपी डॉ. अमृता दुहान ने पुलिस अधिकारियों और प्रशिक्षित पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर बच्चों को इस सुरक्षा ऐप के बारे में जानकारी दी है.

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ऐसे काम करता है सुरक्षा एप

अब तक कोटा में पढ़ने वाले हजारों छात्र इस सुरक्षा एप को डाउनलोड कर चुके हैं. साथ ही पुलिस ने यह भी बताया है कि इस एप में छात्रों का डाटा सुरक्षित रहेगा. साथ ही एसपी डॉ. दुहन ने यह जानकारी दी कि यह एप किस प्रकार काम करता है. उन्होंने बताया कि तकनीकी विशेषज्ञ जयवर्धन और खुशवर्धन भारद्वाज की मदद से इस एप को तैयार किया गया है. किसी भी समस्या या परेशानी होने पर जब कोचिंग छात्र इस एप में पैनिक बटन का उपयोग करेंगे तो तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना मिल जाएगी. एप पर स्टॉप बटन का उपयोग करते ही एप पर दी गई सभी जानकारी डिलीट हो जाएगी. उसके बाद उसकी लाइव लोकेशन के आधार पर नजदीकी पुलिस टीम तुरंत वहां पहुंच जाएगी.

छात्रों के डाटा से नहीं होगी कोई छेड़खानी

SP दुहन ने आगे बताया कि कोचिंग छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए इसमें एक सुविधा और भी दी गई है. इसमें पुलिस सीधे तौर पर छात्र से जुड़े डाटा तक नहीं पहुंच पाएगी, जब छात्र एप के पैनिक बटन का इस्तेमाल करेगा, तभी पुलिस उसके डाटा तक पहुंच पाएगी. जिससे छात्रों को भी किसी तरह का खतरा या डर नहीं रहेगा. साथ ही एसपी ने अपील की है कि छात्रों की सुरक्षा के लिए पुलिस का यह एक प्रयास है, इसका दुरुपयोग न करें ताकि पुलिस को भी मदद के लिए पहुंचने में परेशानी न हो, इसकी गंभीरता हमेशा बनी रहनी चाहिए. 

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