Kota News: कोटा पुलिस ने शातिर चोरों के गिरोह का भंडाफोड़ किया है. ये गिरोह गूगल मैप से कॉलोनी के बारे में सर्च कर चोरी की योजना बनाते थे. इस गिरोह ने टाउनशिप और कॉलोनी को निशाना बनाकर करोड़ी की ठगी की. जब पुलिस ने मास्टमाइंड करण सिंह समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया तो 133 ग्राम सोना, 781 ग्राम चांदी और 30 लाख रुपए भी बरामद हुए. साथ ही पुलिस ने चोरी के जेवरात खरीदने वाले ज्वेलर्स को भी धर-दबोचा. जानकारी के मुताबिक, आरोपी राजस्थान से बाहर भी चोरी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं. पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी गूगल मैप पर बड़ी-बड़ी टाउनशिप्स की तलाश करते थे और खाली पड़े बड़े बंगलों में ही चोरी की वारदातें अंजाम देते थे. चोरी करने के बाद आरोपी चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित सांवलियाजी के मंदिर भी गए थे, जहां उन्होंने चोरी की कुछ राशि भगवान को चढ़ाई है. इस गिरोह ने पूरे देश में कुल 33 चोरियों को अंजाम दिया है.
पिछले महीने कोटा में की चोरी
दरअसल, पिछले महीने दिसबंर में कोटा के चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (सीएफसीएल) के मालिक के घर में चोरी हुई. राजकुमार मित्तल और अशोक कुमार छीपा के घरों से चोर कैश और सोने-चांदी के जेवरात लूट ले गए थे. वारदात के बाद पुलिस ने फैक्ट्री के सभी स्थाई व अस्थाई कर्मचारियों का ब्यौरा निकाला. तफ्तीश के दौरान सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर एक संदिग्ध कार नजर आई. इस कार पर मध्य प्रदेश की नंबर प्लेट लगी हुई थी. इसके बाद झालावाड़ के खानपुर टोल प्लाजा के आसपास के टोल के सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए. फिर पुलिस आरोपियों तक पहुंची.
पुलिस ने मास्टमाइंड करण सिंह समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया.
पुलिस ने खंगाले 1500 सीसीटीवी फुटेज
पुलिस ने जांच पड़ताल के दौरान 600 किलोमीटर तक की दूरी में लगे करीब 1500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला. टेक्निकल एविडेंस और सीसीटीवी के आधार पर आरोपी कार की पहचान हुई और मुख्य आरोपी सामने आए. आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिसकर्मियों ने अपनी पहचान बदली और कई इलाकों में छापा मारा. कोटा पुलिस ने धार, राजगढ़ और इंदौर समेत कई शहरों में छापेमारी की. टीम ने 15 दिनों तक फल-सब्जी वाहन चालक, मैकेनिक और ढाबा कर्मचारी बनकर रैकी की.
फिर ऐसे पकड़ में आए सभी आरोपी
इसी दौरान पुलिस टीम को इंदौर में मुख्य आरोपी करण भील कार के साथ नजर आया, जो चोरी के लिए रैकी कर रहा था. पुलिस ने उसे डिटेन कर गिरफ्तार किया. पूछताछ में करण ने संजय, मानसिंह और महेंद्र के साथ मिलकर चोरियां करने की बात कबूली और फिर पुलिस ने एक के बाद एक कड़ी जोड़कर आरोपियों को गिरफ्तार किया.