Kota Dog Bite Case: शिक्षा नगरी कोटा में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब लोगों का सड़कों पर निकलना दूभर हो गया है. शहर के नयापुरा इलाके में रविवार सुबह दो खूंखार कुत्तों ने एक के बाद एक करीब 30 से अधिक राहगीरों पर हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया. इस डॉग बाइट में आम लोगों के साथ-साथ कलेक्ट्री में तैनात सरकारी कर्मचारी और अधिकारी भी आ गए.
कलेक्ट्री परिसर में मचा हड़कंप, तहसीलदार भी घायल
हैरानी की बात यह थी कि ये कुत्ते कलेक्ट्रेट परिसर में भी घुस गए, जिसे सुरक्षित माना जाता था. उन्होंने वहां ड्यूटी पर तैनात नायब तहसीलदार को अपना शिकार बना लिया. मौजूद लोगों ने बताया कि जब तहसीलदार अनुराग शर्मा अपने कर्मचारियों के साथ खड़े थे, तो अचानक एक कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया और उनके पैर में काट लिया. जिससे उनका डॉग बाइट के शिकार हुए हैं.
मासूम बच्ची और बुजुर्गों को बनाया निशाना
वही एक अलग जगह पर कुत्तों का शिकार होने वालों में 5 साल की मासूम बच्ची आयुषी भी शामिल है, जो अपने घर के बाहर खेल रही थी. वहीं, मॉर्निंग वॉक पर निकले बुजुर्ग सीताराम के पैरों में कुत्तों ने गहरे घाव कर दिए हैं. सभी घायलों को तुरंत एमबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहां इंजेक्शन रूम के बाहर घायलों की लंबी कतार लग गई.
अस्पताल प्रशासन का बयान
इंजेक्शन रूम इंचार्ज पूनम आडवाणी ने बताया कि सुबह से अब तक 30 से ज्यादा 'डॉग बाइट' के मामले आ चुके हैं. कई लोगों के घाव काफी गहरे हैं जिनकी ड्रेसिंग कर उन्हें एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं.
रेस्क्यू टीम ने संभाला मोर्चा
नयापुरा क्षेत्र में कुत्तों के इस तरह अचानक हिंसक होने से मॉर्निंग वॉकर्स और स्थानीय निवासियों में भारी डर है. घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्ट्री चौकी और नयापुरा थाना पुलिस सक्रिय हुई. पुलिस की सूचना पर नगर निगम की रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा गया. जो उन दो संदिग्ध कुत्तों की तलाश कर रही है.
प्रशासन और नगर निगम पर उठे सवाल
एक ही क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर डॉग बाइट की घटना ने नगर निगम के आवारा पशु नियंत्रण अभियान की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते आवारा कुत्तों की नसबंदी और उनके प्रबंधन पर ध्यान दिया जाता, तो आज इतने लोग अस्पताल न पहुंचते.