Rajasthan News: राजस्थान में शराब और बीयर पीने वालों को अब ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे. राज्य की भजनलाल सरकार ने बुधवार देर रात आबकारी नीति में बड़ा बदलाव करते हुए 1 अप्रैल से शराब और बीयर की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है. सरकार ने आबकारी ड्यूटी को 75% से बढ़ाकर 80% कर दिया है, जिसका सीधा असर खुदरा कीमतों पर पड़ेगा.
कितनी बढ़ेंगी कीमतें?
संशोधित नीति के तहत 750 ML की अंग्रेजी शराब की बोतल पर 20 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है, जबकि बीयर की बोतल अब 5 रुपये तक महंगी होगी. नई वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही बढ़ी हुई कीमतें लागू होंगी, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
अब 1200 जोन में चलेंगी 2400 शराब दुकानें
नई आबकारी नीति के अनुसार, सरकार ने प्रदेश में शराब बिक्री के लिए 2400 दुकानें तय की हैं, जिन्हें 1200 जोन में बांटा गया है. इसके साथ ही दूरी के नियम भी सख्त कर दिए गए हैं. नए नियमों के मुताबिक, अब शराब की दुकानें स्कूल, कॉलेज और धार्मिक स्थलों से कम से कम 150 मीटर दूर होंगी. पहले यह दूरी सिर्फ 75 मीटर थी.
बढ़ सकता है शराब बिक्री का समय?
नई नीति में ठेकेदारों को पहले से ज्यादा शराब बेचने का टारगेट दिया गया है. इसे देखते हुए सरकार शराब बिक्री के समय को बढ़ाने पर भी विचार कर सकती है. हालांकि, इस पर अंतिम फैसला आबकारी आयुक्त लेंगे.
ठेके महंगे, नियम और सख्त
संशोधित नीति में ठेका रिन्युअल गारंटी फीस में बढ़ोतरी की गई है. साथ ही दुकानदारों को पहले की तरह एक के बजाय अब दो गोदाम आवंटित करने का प्रावधान किया गया है. नई नीति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि ऑप्शनल लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन किया गया तो रजिस्टर्ड कमर्शियल स्थल, होटल बार संचालक या निजी निवास का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
होटल और रेस्टोरेंट बार के लिए नया नियम
अब रेस्टोरेंट बार और होटल बार के मेन्यू में गैर-मादक पेय पदार्थों को शामिल करना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को वैकल्पिक विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें.
गोदाम होंगे हाईटेक, स्टोरेज बढ़ेगा
राजस्थान राज्य बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड और राजस्थान राज्य गंगानगर शुगर मिल्स लिमिटेड के गोदामों का आधुनिकीकरण किया जाएगा. इसके तहत मदिरा की मांग के अनुसार स्टोरेज क्षमता बढ़ाने और लॉजिस्टिक सिस्टम को और मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा.
निवेशकों को राहत, प्रक्रिया होगी आसान
सरकार का फोकस निवेश बढ़ाने पर भी है. इसके लिए मदिरा से जुड़ी इकाइयों के लिए लाइसेंस प्रक्रिया आसान होगी. साथ ही मदिरा निर्माण इकाइयों को तय शुल्क के भुगतान पर स्थानांतरण की अनुमति भी दी जाएगी.
अवैध शराब पर सख्ती, आबकारी आयुक्त को ज्यादा अधिकार
नई नीति में अवैध और हानिकारक मदिरा की रोकथाम, दुकानों के समय निर्धारण, बंदोबस्त प्रक्रिया की निगरानी और रेस्टोरेंट बार में बीआईओ की अनुमति देने जैसे महत्वपूर्ण अधिकार आबकारी आयुक्त को दिए गए हैं.
2025–2029 तक लागू होगी नई आबकारी नीति
आबकारी नीति 2025 से 2029 तक लागू रहेगी. इसमें किए गए सभी संशोधन राजस्थान आबकारी अधिनियम 1950 और संबंधित नियमों में बदलाव के बाद राजपत्र में प्रकाशित किए जाएंगे.
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