Rajasthan: मंत्री हीरालाल नागर ने स्कूल निर्माण में बताई खामियां, मदन दिलावर का आया ये रिएक्शन, बोले- कार्रवाई होगी

Madan Dilawar: मंत्री हीरालाल नागर की ओर से खामियां उजागर किए जाने के मामले में दिलावर ने बयान दिया. उन्होंने कहा कि जो बिंदु उठाए हैं, उनकी जांच कराई जा रही है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

Madan Dilawar reaction to Hiralal Nagar statement: समसा सिविल विंग भंग करने के लिए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की मांग पर मदन दिलावर ने प्रतिक्रिया दी. शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्कूलों के लिए नए भवनों का निर्माण और पुराने जर्जर भवनों की मरम्मत, दोनों मोर्चों पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जिन भवनों की मरम्मत आवश्यक है, उन्हें मार्च 2026 तक पूरा कराने का लक्ष्य है. वहीं, नए भवनों के निर्माण कार्य भी सभी नियमों के अनुरूप तय समयसीमा में पूरे किए जाएंगे. हीरालाल नागर द्वारा उजागर की गई कमियों को लेकर कहा, “मंत्रिमंडल में सभी की साझा जिम्मेदारी है. हमारे साथी जहां-जहां कमियां देखें, उन्हें सामने लाएं. ताकि शिक्षा विभाग में पारदर्शिता बनी रहे."

दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई- दिलावर

उन्होंने कहा कि नागर ने जो बिंदु उठाए हैं, उनकी जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. निर्माण कार्यों में ठेकों के वितरण में कोई गड़बड़ी नहीं हुई. यदि कहीं गुणवत्ताविहीन निर्माण पाया गया तो उसके लिए जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी. 

Advertisement

हमारे पास इंजीनियर्स की कमी- शिक्षा मंत्री

शिक्षा मंत्री ने माना कि विभाग में इंजीनियर्स की कमी रही है, क्योंकि राज्य के पास खुद का इंजीनियरिंग कैडर नहीं है और ज़्यादातर इंजीनियर डेपुटेशन से लिए जाते हैं. उन्होंने कहा कि हमारे पास ऐसे कई कर्मचारी हैं, जिन्होंने इंजीनियरिंग (BE) की पढ़ाई की है. लेकिन वे अन्य पदों (शिक्षक/प्रयोगशाला सहायक) पर हैं. 

दिलावर ने बताया कि ऐसे ही कार्मिकों की तकनीकी दक्षता का उपयोग स्कूल निर्माण कार्यों के निरीक्षण में किया जा रहा है. आगे भी प्रयास रहेगा कि पीडब्ल्यूडी और अन्य एजेंसियों से अनुभवी इंजीनियर लेकर ही विद्यालय निर्माण और मरम्मत हो.

यह भी पढ़ेंः राजस्थान में ₹1600 करोड़ का 'स्कूल सुरक्षा प्लान' तैयार, पर हाईकोर्ट और मंत्री ने उठाए गंभीर सवाल