गंदगी देख भड़के मंत्री दिलावर, अधिकारियों को फटकार; खर्च हुए लाखों पर सफाई शून्य, अब होगी रिकवरी!

मंत्री मदन दिलावर ने जब पिपराली और सिंहासन गांव की गलियों में गंदगी देखी, तो उनका पारा चढ़ गया. ग्रामीणों ने अधिकारियों की पोल खोली, तो मंत्री ने मौके पर ही रिकवरी और जांच के आदेश सुना दिए.

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मंत्री मदन दिलावर ने पिपराली और सिंहासन गांव का किया दौरा.
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान के पंचायतीराज एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर (Madan Dilawar) शनिवार सुबह जब सीकर (Sikar) की सड़कों पर निकले, तो अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए. स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लेने निकले मंत्री को जब हकीकत में गंदगी के ढेर और नालियों में कीचड़ मिला, तो उन्होंने मौके पर ही सख्त कार्रवाई के निर्देश दे दिए.

सफाई के पैसे रिकवर करने के आदेश

मंत्री दिलावर सबसे पहले पिपराली पंचायत समिति पहुंचे. यहां की स्थिति देखकर वे दंग रह गए. ग्रामीणों ने मंत्री को बताया कि न तो कचरा संग्रहण वाली गाड़ी आती है और न ही सफाईकर्मी. मजबूरी में ग्रामीणों को खुद झाड़ू उठाकर सड़कें साफ करनी पड़ रही हैं. ग्राउंड रियलटी देखकर मंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि जब पिपराली पंचायत में सफाई के नाम पर हर महीने 2 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं, तो वो पैसा जा कहां रहा है? इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए मंत्री ने जिला परिषद सीईओ को इस खर्च की जांच करने और जिम्मेदार लोगों से राशि की रिकवरी करने के कड़े निर्देश दिए हैं.

सरपंच-प्रशासक को मंत्री ने वापस भेजा

निरीक्षण के दौरान मंत्री सिंहासन ग्राम पंचायत भी पहुंचे. यहां सालों से सड़क पर कीचड़ और गंदगी जमा थी. जब मंत्री ग्रामीणों से बात कर रहे थे, तो कुछ लोग अधिकारियों के डर से बोलने में हिचक रहे थे. इस पर मंत्री ने नाराजगी जताई और मौके पर मौजूद सरपंच व प्रशासक को तुरंत वहां से पंचायत ऑफिस भेज दिया ताकि ग्रामीण खुलकर अपनी बात कह सकें.

बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई के आदेश

इसके बाद दादिया ग्राम पंचायत में भी सफाई व्यवस्था पूरी तरह फेल पाई गई. मंत्री ने वहां के खंड विकास अधिकारी (BDO) के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं.

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सर्व के दौरान मंत्री ने लिए तीन फैसले

इस सर्व के दौरान मंत्री दिलावर ने जिला परिषद अधिकारियों को तुरंत सफाई अभियान शुरू करने और नियमित निगरानी के आदेश. साथ ही लापरवाही बरतने वाले ग्राम विकास अधिकारी और BDO पर विभागीय कार्रवाई का फैसला किया. इसके अलावा स्वच्छता मद में खर्च हुए पैसों का ऑडिट होगा और गबन पाए जाने पर रिकवरी की भी बात कही.

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