Rajasthan News: शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर की 4 दिवसीय पद यात्रा का सोमवार को आखिरी दिन था. पदयात्रा के अंतिम दिन मदन दिलावर कोटा के ग्राम पंचायत बोराबास के गांव भैरूपुरा में पहुंचे. इस दौरान मंत्री दिलावर ने ग्रामीणों को शराब छुड़ाने के लिए अनूठा और प्रभावशाली तरीका अपनाया. भील समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए मदन दिलावर ने कहा कि मैं आपकी सभी मांगें पूरी कर दूंगा, जो मांगोगे अभी यहीं दे दूंगा, लेकिन मेरी एक शर्त है. मंत्री की बात सुनकर ग्रामीण चौंक गए. दिलावर ने आगे कहा, “घबराओ मत, मुझे पैसे नहीं चाहिए. मुझे तो सिर्फ तुम्हारी शराब की बोतल चाहिए. बस उसे मुझे सौंप दो.
ग्रामीणों से मंत्री ने दिलवाई शपथ
इसके बाद शिक्षा मंत्री ने लोटा भर पानी मंगवाया और सभी पुरुषों से कहा, “इस पानी का लोटा हाथ में लेकर सौगंध खाओ कि आज के बाद कभी शराब नहीं पियोगे.” शुरुआत में ग्रामीण सकपका गए, क्योंकि भील समाज में शराब पीने की पुरानी आदत है, लेकिन वरिष्ठ लोगों के समझाने पर एक-एक कर सभी पुरुष मंच पर आए और पानी से भरे लोटे को हाथ में लेकर शराब छोड़ने की शपथ ली.
सभी ने हाथ उठाकर वचन दिया कि मंत्री की मांग पूरी करेंगे. शपथ के बाद मंत्री मदन दिलावर ने सख्त चेतावनी दी, “अब अपने वादे पर कायम रहना. अगर किसी ने फिर से शराब पी तो मैंने जो विकास कार्यों के लिए पैसा दिया है, वह सब रोक दूंगा और गांव में कोई काम नहीं कराऊंगा.” इसके बाद मंत्री ने गांव के विकास के लिए तुरंत 80 लाख रुपये की घोषणा की. इसमें 30 लाख रुपये नाली निर्माण और सीसी रोड बनाने के लिए, 35 लाख रुपये आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए, 5 लाख रुपये श्मशान घाट की चारदीवारी के लिए और 10 लाख रुपये सामुदायिक भवन बनाने के लिए दिए गए.
कोई परेशानी हो तो मुझे बताना- मंत्री
मंत्री मदन दिलावर ने मौजूद अधिकारियों को तुरंत कार्य शुरू करने के निर्देश भी दिए. प्रधानमंत्री आवास योजना, खाद्य सुरक्षा योजना के तहत निशुल्क गेहूं वितरण और पात्र व्यक्तियों को पेंशन देने के लिए गांव में विशेष कैंप लगाकर आवेदन भरवाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा, “आज से तुम सब मेरे भाई हो. कोई बीमार पड़े या कोई परेशानी हो तो मुझे बताना, मैं जयपुर ले जाकर बेहतरीन इलाज कराऊंगा. बस एक शर्त है, शराब पूरी तरह छोड़नी होगी.” उन्होंने कहा, “शराब परिवार को बर्बाद कर देती है. आर्थिक तंगी आ जाती है, बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं और उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है. इसलिए शराब नहीं पीना और बच्चों को स्कूल जरूर भेजना.”
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