Rajasthan News: पाली और सोजत सिटी में मंगलवार को 'माही बीज' का पावन पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर सीरवी समाज के जरिए आयोजित भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय रंग में सराबोर कर दिया. आई माताजी के जयकारों और बैंड-बाजों की धुनों के बीच निकली इस यात्रा में आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला.
नेताओं ने नवाया शीश
शोभायात्रा में राजनीतिक गलियारों की दिग्गज हस्तियों ने भी शिरकत की. पाली विधायक भीमराज भाटी अपनी धर्मपत्नी के साथ माताजी के दरबार में पहुंचे और आशीर्वाद लिया. वहीं, कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने भी शोभायात्रा में शामिल होकर समाज की खुशहाली की कामना की.
विधायक भीमराज भाटी अपनी धर्मपत्नी के साथ
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परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम
शोभायात्रा का सबसे आकर्षक केंद्र पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु रहे. महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर मंगल गान करती हुई चल रही थीं. विशेष आकर्षण बच्चों और बुजुर्गों का रहा, जो हाथों में रंग-बिरंगे छाते और आंखों पर काला चश्मा लगाकर पारंपरिक 'गैर नृत्य' कर रहे थे. इस मनमोहक नजारे ने राहगीरों के कदम रोक दिए.
37 सालों से जारी है अटूट परंपरा
सीरवी समाज द्वारा पाली में लगातार 37वें वर्ष यह शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा का शुभारंभ 'महेश्वरियों की बगीची' से हुआ, जो मुख्य बाजारों से गुजरती हुई 'चौधरियों की बगीची' पर संपन्न हुई. सजे-धजे घोड़ों, ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के बीच पूरा मार्ग "आई माता की जय" के उद्घोष से गूंज उठा.
माताजी की विधिवत पूजा-अर्चना की
सांस्कृतिक एकता का प्रतीक
शोभायात्रा के समापन पर चौधरी समाज की ओर से माताजी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई और महाप्रसाद का वितरण किया गया. इस पूरे आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक समरसता और राजस्थान की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं की एक जीवंत झलक भी पेश की.