Manmohan Singh Passes Away: देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का गुरुवार को निधन हो गया. उन्होंने 92 वर्ष की आयु में दिल्ली के AIIMS में अपनी अंतिम सांस ली. डॉ मनमोहन तबीयत गुरुवार की रात अचानक खराब हो गई थी. मौत की खबर सुनते ही देशभर से दिग्गज नेता, कार्यकर्ता AIIMS में जुटने लगें. भारी भीड़ को देखते हुए एम्स के बाहर सिक्योरिटी बढ़ा दी गई. इस खबर के आने के बाद राजस्थान के दिग्गज नेताओं ने भी डॉक्टर मनमोहन सिंह को लेकर संवेदना व्यक्त की. जानें कौन से नेता ने पूर्व प्रधानमंत्री को लेकर क्या बातें कीं.
CM भजनलाल ने जताया शोक
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर दु:ख जताते हुए कहा कि 'मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारजनों के साथ है. प्रभु श्री राम दिवंगत आत्मा को अपने परम धाम में स्थान तथा शोकाकुल परिवार को यह अथाह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें'.
वसुंधरा राजे ने जताया शोक
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने डॉ. मनमोहन दु:ख जताते हुए कहा कि 'एक विशाल कद के नेता और दूरदर्शी अर्थशास्त्री, उन्हें भारत के आर्थिक सुधारों के वास्तुकार के रूप में हमेशा याद किया जाएगा. देश की चुनौतियों के बारे में गहन जानकारी रखने वाले एक प्रतिष्ठित सांसद, डॉ. सिंह के अथक प्रयासों ने लाखों लोगों का उत्थान किया. प्रगति की उनकी स्थायी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी.
उनकी कैबिनेट में काम करना मेरे लिए एक सम्मान की बात: पायलट
कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने कहा कि 'मैं पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन पर अपनी गहरी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ. वह एक ऐसे नेता थे जिन्होंने अपना जीवन देश की सेवा में समर्पित कर दिया, और उनकी बुद्धिमत्ता और भारत की आर्थिक वृद्धि में उनके अमूल्य योगदान के लिए वह हमेशा याद किए जाएंगे. उनकी कैबिनेट में काम करना मेरे लिए एक सम्मान की बात थी. वह एक सच्चे सज्जन थे - दयालु, मृदुभाषी, शिष्ट और विनम्र. एक विद्वान, एक दूरदर्शी, एक सहमति बनाने वाले, और एक सच्चे कांग्रेसी. उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी हृदय से संवेदनाएं. उनकी आत्मा को शांति मिले.'
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जताया दु:ख
टीकाराम जूली ने जताया शोक
कांग्रेस नेता वैभव गहलोत
डॉ. मनमोहन सिंह छोटे गांव से लेकर संसद तक का सफर
डॉक्टर मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत के एक गांव में हुआ था. एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने जीवन में शिक्षा, अर्थशास्त्र और राजनीति के क्षेत्र में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं. 2004 के आम चुनावों के बाद उन्हें देश का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया, उन्होंने 2009 में दूसरी बार भी शपथ ली और 2014 तक प्रधानमंत्री बने रहें.
कई महत्वपूर्ण पदों पर संभाली जिम्मेदारी
साल 1971 में डॉ. मनमोहन सिंह भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार बनें. साल 1972 में उन्हें वित्त मंत्रालय का मुख्य आर्थिक सलाहकार बनाया गया. इसके बाद उन्होंने वित्त मंत्रालय के सचिव, योजना आयोग के उपाध्यक्ष, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर, प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली.