Rajasthan News: कांग्रेस के अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता MD चोपदार ने हाल ही में हुए मजार विवाद के बाद बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य को कांग्रेस वैसे भी सीरियस नहीं लेती है. उन्हें कभी अजान से दिक्कत होती है कभी दरगाह की छत डालने से विरोध है, कभी वह नॉनवेज की दुकान पर चले जाते हैं पूरी कांग्रेस इनको ज्यादा सीरियस नहीं लेती है.
लेकिन, किशनपोल विधानसभा क्षेत्र का काम हमारे विधायक अमीन कागजी विधायक कोटे से सरकारी एजेंसी गर्वनमेंट की परमिशन से कार्य किया जा रहा था. बीजेपी का टारगेट यही रहता है कि शहर की शांति व्यवस्था बिगड़े, बालमुकुंद आचार्य ने वह काम रुकवा दिया गया है.
चार मंदिरों का नाम गिनवाए जो उनके द्वारा जीर्णोद्वार किए गए हैं
बालमुकुंद आचार्य को लेकर कहा कि शहर में शांति व्यवस्था खराब करने और लोगों में भेदभाव करने के अलावा कोई काम नहीं है. मेरे द्वारा मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि विधायकी में क्या कुछ प्रोटोकॉल होते हैं किस तरीके से कार्य किया जाता है उसके बारे में सिखाया जाना चाहिए. कांग्रेस नेता एमडी चोपदार ने कहा कि मैं खुले तौर पर चुनौती देता हूं कि वह केवल चार मंदिरों का नाम गिनवाए जो उनके द्वारा जीर्णोद्वार किए गए हैं.
''अल्पसंख्यक वर्ग को टारगेट कर रहे हैं''
उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहां की देशभर में जिस तरह का माहौल चल रहा है एक पार्टी विशेष या मार्च तक संगठनों की ओर से लगातार भाई और नफरत का वातावरण बनाया जा रहा है. राजस्थान में जब से बीजेपी की सरकार आई है तब से प्रदेश का विकास चौपट हो गया है सरकार ने विकास पर ध्यान देने की बजाय अल्पसंख्यक वर्ग को टारगेट करना शुरू कर दिया है.
इस सरकार ने प्रदेश में ध्रुवीकरण की राजनीति के तहत धर्मांतरण विरोधी कानून लाकर खासकर मुसलमान को परेशान करने के और डिस्टर्ब एरिए बिल लाकर मुसलमान को टारगेट करने का काम कर रही है. मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र को डिस्टर्ब एरिया घोषित किया जा रहा है.
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