मेवाड़ यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री रैकेट में SOG का एक्शन, लेक्चरर भर्ती में धांधली का आरोपी गिरफ्तार

RPSC हिंदी लेक्चरर भर्ती परीक्षा में एक अभ्यर्थी की डिग्री संदिग्ध पाई गई थी. आरोप है कि जोधपुर निवासी अशोक चोटिया ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के नाम से फर्जी एमए (हिंदी) की डिग्री उपलब्ध कराई.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
प्रतीकात्मक तस्वीर

राजस्थान लोक सेवा आयोग की हिंदी लेक्चरर भर्ती परीक्षा में फर्जी डिग्री के मामले में एसओजी ने आरोपी को गिरफ्तार किया. स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने जोधपुर निवासी अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया को धर-दबोचा. आरोपी पर मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार (चित्तौड़गढ़) के नाम से फर्जी एमए (हिंदी) की डिग्री और मार्कशीट उपलब्ध कराने का आरोप है. आरोपी को पूछताछ के लिए अजमेर लाया गया है और उससे फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. इस गिरफ्तारी के साथ ही मेवाड़ यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है. जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे रैकेट का दायरा कितना बड़ा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही.

मार्च-2024 में दर्ज हुई थी शिकायत

एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल के अनुसार, मामला साल 2022 की RPSC हिंदी लेक्चरर (स्कूल शिक्षा) भर्ती परीक्षा से जुड़ा है. भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत मेवाड़ यूनिवर्सिटी की एमए (हिंदी) की डिग्री संदिग्ध पाई गई थी. दस्तावेज सत्यापन के दौरान जांच में डिग्री फर्जी होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद मार्च 2024 में अजमेर के सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई. 

Advertisement

अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया

संगठित नेटवर्क के जरिए लंबे समय से चल रहा था काम

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एसओजी को सौंपी गई. जांच में सामने आया कि फर्जी डिग्री तैयार करने और भर्ती प्रक्रिया में इस्तेमाल कराने के लिए एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था. एसओजी अब यह भी जांच कर रही है कि फर्जी डिग्री बनाने का काम कब से चल रहा था, अब तक कितने अभ्यर्थियों ने इसका उपयोग किया? 

फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले संदिग्धों की तलाश जारी

साथ ही इस रैकेट में विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों की भूमिका की भी आशंका जाहिर की जा रही है. हालांकि, इसे लेकर जांच जारी है. अधिकारियों का कहना है कि फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने वाले अभ्यर्थियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी.

यह भी पढ़ेंः जयपुर का पुलिसकर्मी ही निकला सट्टेबाज, नेटवर्क चलाने के लिए 2 युवकों को दे रहा था सैलेरी