प्रदेश में अब तक मॉनसून के तहत औसत से 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है. पिछले एक सप्ताह से मॉनसून कमजोर हो गया है. मौसम विभाग ने गुरुवार से प्रदेश में मॉनसून के सक्रिय होने की आस जताई थी, लेकिन कल भी मॉनसून कमजोर ही रहा, हल्की बूंदाबांदी के अलावा प्रदेश में कहीं बरसात नहीं हुई. आज भी मॉनसून की बरसात की संभावनाएं नहीं नजर आती है. सेटेलाइट डेटा भी देखे तो प्रदेश के ऊपर मॉनसूनी बादल नजर नहीं आते हैं.
राजस्थान में मॉनसून कमजोर
मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल मॉनसून ट्रफ लाइन सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर, यानी हिमालय की तरफ खिसक गई है. वर्तमान में यह ट्रफ लाइन जम्मू, बरेली और डाल्टनगंज से होकर गुजर रही है. गुरुवार को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों के ऊपर एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया बना हुआ था. इन मौसमी परिस्थितियों के कारण राजस्थान में मॉनसून की सक्रियता कमजोर पड़ी हुई है.
सोमवार से फिर एक्टिव होगा मॉनसून
हालांकि, मौसम विभाग को उम्मीद है कि सोमवार से प्रदेश में मॉनसून फिर से एक्टिव होगा. 20 जुलाई के लिए 17 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है. 21 जुलाई से राज्य में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है. पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में 21 जुलाई से मेघगर्जन के साथ बारिश शुरू हो सकती है. इसके बाद 22 और 23 जुलाई से पश्चिमी और मध्य राजस्थान में भी बारिश की गतिविधियों में तेजी आने का अनुमान है.
चूरू में 40 डिग्री के पार पहुंचा तापमान
बारिश में कमी के चलते जयपुर सहित कई जिलों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. गुरुवार को चूरू में राज्य का सबसे अधिक तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि बीकानेर में भी पारा 40 डिग्री के पार रहा. पिछले कुछ दिनों से श्रीगंगानगर सबसे गर्म जिला बना हुआ था, लेकिन गुरुवार को वहां हुई बारिश के बाद तापमान 40 डिग्री से नीचे आ गया है.
जयपुर में बरसात की एक बूंद नहीं गिरी
राजधानी जयपुर में गुरुवार को भी बरसात की एक बूंद नहीं गिरी. जयपुर में पिछले 11 दिनों से एक मिमी भी बारिश नहीं होने के कारण कुल वर्षा का आंकड़ा औसत से नीचे चला गया है. शहर में जून और जुलाई मिलाकर अब तक 135 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिसमें जून में 80 मिमी और जुलाई में अब तक 55 मिमी वर्षा हुई है. जबकि अकेले जुलाई में औसतन 180 मिमी बारिश होती है. पिछले 10 वर्षों में चार बार जुलाई में 200 मिमी से कम बारिश दर्ज की गई है.
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